शिक्षा विभाग में बड़ा खेल दो संस्थानों में दो पद, वर्षों तक वेतन आहरण खंड शिक्षा अधिकारी संतोष पांडेय की मिलीभगत के आरोप शिकायत करने पर प्रताड़ना का आरोप शिकायतकर्ता की सुनवाई के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा मोबाइल छीनने का प्रयास न्याय से वंचित शिकायतकर्ता।
संवाददाता आलापुर अम्बेडकरनगर ।
अम्बेडकरनगर जनपद के विकासखंड जहांगीरगंज अन्तर्गत राज इंटर कॉलेज मल्लूपुर में, शिक्षा क्षेत्र जहांगीरगंज शिक्षा विभाग में एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शिक्षक बालमुकुंद सिंह पर सेवा अभिलेखों में कूटरचना कर अवैध नियुक्ति, वास्तविक पद छिपाकर वर्षों तक वेतन आहरण और सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले में सबसे अहम बात यह है कि शिकायतकर्ता का आरोप है कि पूरे प्रकरण को दबाने में खंड शिक्षा अधिकारी संतोष पांडेय की पूरी तन्मयता से बचाने में जुटे भूमिका संदिग्ध है
जिससे अब प्रशासनिक निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।शिकायत के अनुसार बालमुकुंद सिंह ने वर्ष 2004 से 2006 तक राज इंटर कॉलेज, मल्लूपुर में प्रधानाचार्य के रूप में कार्य किया। इस दौरान विद्यालय से निर्गत हाईस्कूल की मार्कशीटों और प्रमाणपत्रों पर बतौर प्रधानाचार्य उनके हस्ताक्षर मौजूद हैं, जो उनके पद का ठोस दस्तावेजी प्रमाण बताए जा रहे हैं। इसके विपरीत उन्होंने स्वयं को राम केवल जूनियर हाई स्कूल, सिरसिया में वर्ष 1985 से त्रि-भाषा शिक्षक दर्शाते हुए वेतन आहरण किया,

जबकि उसी अवधि में वे इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य पद पर कार्यरत थे। एक ही समय में दो अलग-अलग संस्थानों में दो अलग-अलग पदों पर कार्य दिखाया जाना सेवा नियमों का घोर उल्लंघन बताया जा रहा है।आरोप है कि वर्ष 2006 में जूनियर हाई स्कूल के अनुदानित होने पर बालमुकुंद सिंह ने स्वयं को पूर्व तिथि से नियमित अध्यापक दर्शाकर सेवा नियमितीकरण करा लिया। शिकायतकर्ता द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत अभिलेख मांगे जाने पर दोनों विद्यालयों ने कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। खास बात यह है कि दोनों संस्थानों का प्रबंधन एक ही परिवार द्वारा संचालित बताया जा रहा है,
जिससे अभिलेख जानबूझकर दबाने की आशंका और गहरा गई है। मामले में खंड शिक्षा अधिकारी संतोष पांडेय पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि शिक्षा क्षेत्र जहांगीरगंज में जांच के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी ने न्याय दिलाने के बजाय शिकायतकर्ता के साथ दुर्व्यवहार किया। मोबाइल छीनने का प्रयास करने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और शिकायत को दबाने का दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं। इतना ही नहीं, यह भी आरोप है
कि शिक्षकों की कमियां सामने आने पर उन्हें दबाने के लिए आपसी तालमेल से रसमलाई काजू कतली जैसी मिठाइयों और जेब गर्म कर मामलों को रफा-दफा किया जाता है।शिकायतकर्ता मधुबाला सिंह ने चेतावनी दी है कि बालमुकुंद सिंह मार्च 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो अवैध रूप से अर्जित पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ जारी हो जाएंगे,
जिनकी बाद में वसूली लगभग असंभव होगी।शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की विशेष जांच, दोषी अधिकारियों व प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करने और जांच पूरी होने तक पेंशन सहित सभी सेवानिवृत्ति लाभ तत्काल स्थगित करने की मांग की है। अब देखना यह है कि शासन और उच्च अधिकारी इस गंभीर मामले में कब तक कार्रवाई करते हैं
या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। विपक्षी से पहले ही मिलकर साथ गांठ कर लेते हैं साथ ही रसमलाई मिठाई और जेब गर्म करवाते हैंऔर एक दरफा सुनावाई के दौरान तथा शिकायत कर्ता को खण्ड शिक्षा अधिकारी संतोष पांडेय व्दारा मानसिक रूप से प्रताड़ित करते धमकाते हैऔर शिकायतकर्ताओं से कहते हैं कि तुमको उच्च अधिकारियों के पास अप्लीकेशन जाकर दो शिकायत करो हम जो लिखेंगे वही होगा हमारे कलम में इतनी ताकत है आपको जहां शिकायत करनी है अधिकारियों के पास जाकर करो हमारी पहुंचे तो बहुत ऊपर तक है।







