वाराणसी
आईआईटी बीएचयू, वाराणसी के वैज्ञानिकों ने जटिल लौह अयस्कों से स्वच्छ धातु उत्पादन की एक नई पर्यावरण-अनुकूल तकनीक विकसित की है, जिसे पेटेंट भी प्राप्त हो चुका है। यह तकनीक इस्पात उद्योग में होने वाले प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में सहायक होगी।
धातुकर्म अभियांत्रिकी विभाग के प्रोफेसर गिरिजा शंकर महोबिया के नेतृत्व में किए गए इस शोध में कोयला या कोक के स्थान पर हाइड्रोजन गैस का उपयोग किया गया है, जिससे ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन लगभग शून्य हो जाता है। इस प्रक्रिया से उच्च गुणवत्ता का लौह, निकेल और क्रोमियम प्राप्त होता है।







