चन्दौली सकलडीहा
क्षेत्र के सरेसर गांव में हिंदुस्तान पैट्रोलियम के लिए जमीन अधिग्रहण भीम के दौरान बिना मुआवजा और नोटिस के किसानों की फसल रौंदने से आक्रोशित किसानों ने गुरुवार को खेत में पहुंचकर जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया।
क्षेत्र के सरेसर गांव के किसानों की जमीन रेलवे भारत पेट्रोलियम हिंदुस्तान पैट्रोलियम में पहले ही औने पौने दाम में अधिग्रहण की जा चुकी है। लेकिन एक बार फिर लगभग एक वर्ष से हिंदुस्तान पैट्रोलियम के विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इसमें कई बार राजस्व के अधिकारियों हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारियों व किसानों के साथ बैठक कर सहमति बनाने का प्रयास किया गया। लेकिन मौजूदा रेट से काफी कम मुआवजा को लेकर किसानों की सहमति नहीं बन पाई। बावजूद इसके अधिकारियों द्वारा मनमाने तरीके से किसानों खाते में दो लाख रुपए विश्वा के हिसाब से जमीन अधिग्रहण की जा रही है।
जबकि यहां 15 लाख रुपए विश्वा के हिसाब से जमीन बिक रही है। यही नहीं जबरदस्ती अधिकारियों द्वारा कुछ किसानों के खातों में पैसा भेजा गया। कुछ किसानों के खातों में अभी भी पैसा नहीं भेजा गया है। बहुत से किसानों के जमीन को राजस्व कर्मियों द्वारा नल की जमीन बताकर मुआवजा से भी वंचित किया जा रहा है। इसको लेकर अधिकारियों द्वारा बिना नोटिस और सूचना के ही किसानों की जमीन बुधवार को जेसीबी मशीन से गेहूं की लहलहाती फसल रौंद दिया गया।
जिसमें किसानों के हजारों रुपए मूल्य के खाद,बीज, दवा, जुताई आदि का नुकसान झेलना पड़ रहा है। इससे आक्रोशित किसानों ने बृहस्पतिवार को खेत में पहुंचकर हिंदुस्तान पेट्रोलियम व राजस्व के अधिकारियों के खिलाफ जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया। चेताया कि उचित मुआवजा और किसानों के साथ अन्याय किया गया तो हम लोग सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे।
प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से पूर्व प्रधान रामविलास यादव, शीतल यादव, राधेश्याम गुप्ता, सजीवन, राम आशीष, गुड्डू शर्मा, संदीप यादव, रंजीत यादव, रामभरोस, विजय, रामदयाल, राम मूरत, रामनरेश, मोहित सिंह, भगवान यादव सहित दर्जनों की संख्या में किसान मौजूद रहे।







