चहनिया/चंदौली
चहनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मंगलवार की रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक अज्ञात व्यक्ति गंभीर अवस्था में लाया गया, लेकिन इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर मौके से नदारद मिले। समय पर इलाज न मिलने से मरीज की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गये ।
रानेपुर निवासी एक व्यक्ति अपने ड्यूटी से घर लौटते समय रास्ते में एक अज्ञात व्यक्ति को अर्धनग्न और बेहोशी की हालत में सड़क किनारे पड़ा हुआ देखा। मानवता का परिचय देते हुए उन्होंने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा और 112 पुलिस को सूचना दी।\
मौके पर पहुंची एंबुलेंस द्वारा घायल व्यक्ति को चहनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया ।उस समय पीएचसी पर ड्यूटी डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं पाये गये । वार्ड बॉय और फार्मासिस्ट द्वारा इलाज न किए जाने से स्थिति और भी गंभीर हो गई। मरीज तड़पता रहा और स्वास्थ्य केंद्र पर जिम्मेदारी तय करने वाला कोई नहीं था
सूचना मिलने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. रितेश कुमार ने तत्काल मौके पर पहुंचे और पूरी स्थिति को संभालते हुए उक्त व्यक्ति का इलाज किया । प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि “मंगलवार की रात डॉ. अनुराग यादव की इमरजेंसी ड्यूटी थी, लेकिन वे उस समय उपस्थित नहीं थे। ऐसी स्थिति में मरीज के साथ कोई भी अनहोनी हो सकती थी। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए मरीज को जिला अस्पताल रेफर किया गया ताकि उसे बेहतर उपचार मिल सके। ड्यूटी से बढ़कर कोई काम नहीं होता। “इमरजेंसी में पीएचसी छोड़कर जाना गंभीर लापरवाही है।
इस संबंध में डॉक्टर अनुराग यादव को स्पष्टीकरण (कारण बताओ नोटिस) जारी किया जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान पीएचसी छोड़ने की क्या मजबूरी थी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर रोष देखने को मिला। लोगों का कहना है कि यदि पीएचसी प्रभारी समय पर नहीं पहुंचते तो किसी की जान भी जा सकती थी। फिलहाल मरीज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी स्थिति पर डॉक्टरों की निगरानी बनी हुई है।











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