सकलडीहा
कोतवाली क्षेत्र के धरहरा मढ़ई गांव में बुधवार को जमीनी विवाद में जमकर लाठी-डंडे और चाकू चले।जिसमे दोनों पक्षों के 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।इनमें कई लोगों के सिर फट गए।और कपडे खून से भीग गए।इनलोगों को एम्बुलेंस की मदद से सीएचसी सकलडीहा लाया गया।जहा प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया है। मारपीट का प्रमुख कारण लेखपाल की कार्यशैली बताई जा रही है
आपको बता दे कि धरहरा मढ़ई गांव में दो बीघा खलिहान की जमीन है।जिसको पूर्व में एक दर्जन लोगों ने कब्जा किया था।शिकायत पर इनलोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।और अतिक्रमण खाली कराया गया।आरोप है कि उसी खली जमीन पर एक पक्ष की ओर गेंहू और सरसों की बुआई कर दी गई।और गांव में स्थित दो बीघे के सरकारी तालाब को भी कब्जा कर मछली मारने लगे।यह देख दूसरा पक्ष भी खलिहान की जमीन पर मढ़ई रखना शुरू कर दिया।जिससे कहासुनी के बाद मारपीट हो गई।
आरोप है कि इसमे लाठी-डंडे,चाकू और तलवार भी चला।जिसमें एक पक्ष के हरिनाथ यादव (60),राजनारायण यादव(55),अमन यादव 26),सतपाल यादव (25),कलावती देवी (50) घायल है।वही दूसरे पक्ष के अच्छेलाल यादव (25),हिन्दलाल यादव(40),अमित यादव (32),छोटू यादव (25) व रामबिलास (62) वर्ष शामिल है।ग्रामीणो का कहना है कि यह पूरा विवाद का जड़ गांव में तैनात लेखपाल है।जो सरकारी जनीनो और तालाबो पर अवैध कब्जा करा रहा है।यह मारपीट भी लेखपाल की वजह से ही हुई है।
आरोप लगाया कि इस लेखपाल पर फोन पे के जरिए घूस लेने का आरोप तक लग चुका है।लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नही हुई।लोगो ने लेखपाल पर कार्यवाही और स्थानांतरण की मांग उठाई है।इस संबंध में कोतवाल दिलीप श्रीवास्तव ने बताया कि सरकारी जमीन को लेकर मारपीट हुई है।चाकूबाजी और तलवार की बात गलत है।







