आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के पूर्व अधिकारी के.के. मोहम्मद ने कहा है कि अयोध्या विवाद को बढ़ाने में कम्युनिस्ट इतिहासकारों की बड़ी भूमिका रही। उनके अनुसार, इन इतिहासकारों ने मुस्लिम समाज को यह समझाया कि मस्जिद के नीचे मंदिर होने के पुरातात्विक सबूतों को स्वीकार न करें।
मोहम्मद ने कहा कि अब विवादों का केंद्र सिर्फ तीन स्थान-राम जन्मभूमि, मथुरा और वाराणसी का ज्ञानवापी होना चाहिए। उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि वे स्वेच्छा से ये स्थल हिंदुओं को सौंप दें और हिंदुओं से कहा कि वे आगे नए दावे न करें।








