मीरजापुर
शनिवार, 08 नवम्बर को भारत सरकार के सांस्कृतिक मंत्रालय के निर्देशानुसार राजकीय महाविद्यालय मझवां में प्राचार्य प्रो. सूबेदार यादव की अध्यक्षता में वन्दे मातरम् गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर “वन्दे मातरम् गीत के ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय महत्त्व” विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय चुनार के इतिहास विभाग के वरिष्ठ असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अरुणेश कुमार ने वन्दे मातरम् गीत की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वन्दे मातरम् गीत गुलामी के दौर में ब्रिटिश शासन के खिलाफ भारतीयों में मां, मिट्टी और मनुष्य के प्रति जनचेतना को जगाने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संगोष्ठी के अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सूबेदार यादव ने बताया कि हमें अपने गौरवशाली इतिहास को कभी भूलना नहीं चाहिए।
उक्त कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेन्द्र कुमार ने किया तथा धन्यवाद डॉ. मनोज कुमार प्रजापति ने किया।
संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. विजय बहादुर, डॉ.अनुपम वर्मा, डॉ.शैलेन्द्र कुमार के साथ-साथ महाविद्यालय के समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – भोलानाथ यादव









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