वाराणसी महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सशक्त करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के ‘मिशन शक्ति फेज-5.0’ के तहत कमिश्नरेट वाराणसी ने एक प्रभावशाली पहल की है। इस कड़ी में यातायात लाइन सभागार में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता अपर पुलिस उपायुक्त (महिला अपराध) नम्रिता श्रीवास्तव ने की।
यह कार्यक्रम शहर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और अभिभावकों को महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार बनाने पर केंद्रित रहा। सभागार में मौजूद सभी प्रतिभागियों ने मिशन शक्ति की इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लेकर अपने सहयोग का संकल्प दोहराया।
लघु फिल्म के जरिए दिया गया सशक्त संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत एक प्रेरणादायक लघु फिल्म के प्रदर्शन से हुई, जिसमें महिलाओं की सुरक्षा, आत्मरक्षा और जागरूकता के विभिन्न पहलुओं को उजागर किया गया। फिल्म के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि महिला सुरक्षा सिर्फ कानून का विषय नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की नैतिक जिम्मेदारी है।
अपर पुलिस उपायुक्त नम्रिता श्रीवास्तव ने उपस्थित शिक्षकों और अभिभावकों से कहा—
> “बच्चियों की सुरक्षा घर और स्कूल दोनों जगह की साझा जिम्मेदारी है। हमें उन्हें ऐसा माहौल देना होगा, जहां वे निर्भय होकर आगे बढ़ सकें।”
साइबर क्राइम से बचाव पर विशेष फोकस
कार्यक्रम में साइबर अपराध को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि डिजिटल युग में ऑनलाइन ठगी, उत्पीड़न और साइबर बुलिंग जैसी घटनाओं से खुद को और अपने बच्चों को कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने बताया कि सतर्क रहकर और समय पर रिपोर्ट करके ऐसे अपराधों को रोका जा सकता है।
‘हर मुश्किल के लिए एक नंबर’ — मुट्ठी में सुरक्षा का भरोसा
जागरूकता अभियान के दौरान प्रतिभागियों को उत्तर प्रदेश पुलिस और शासन द्वारा संचालित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई, जो संकट की घड़ी में महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षा कवच साबित हो सकते हैं:7
📞 1090 – महिला हेल्पलाइन
📞 1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
📞 1076– मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
📞 1930 – साइबर क्राइम हेल्पलाइन
📞 100/112 – पुलिस आपातकालीन सेवा
📞 102 – एम्बुलेंस सेवा
📞 181 – महिला हेल्पलाइन
इन नंबरों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रचार-प्रसार सामग्री भी वितरित की गई, ताकि हर नागरिक इनका लाभ उठा सके।
“सिर्फ कानून नहीं, समाज की सोच में बदलाव जरूरी”
श्रीमती नम्रिता श्रीवास्तव ने कहा —
> “मिशन शक्ति का उद्देश्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि ऐसा समाज बनाना है जहां हर महिला और बालिका खुद को सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर महसूस करे। इसमें पुलिस के साथ-साथ शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका बेहद अहम है।”
वाराणसी कमिश्नरेट का संकल्प – सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर नारी समाज
इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर और प्रतिबद्ध है।
‘मिशन शक्ति फेज-5.0’ की यह पहल शहर में महिलाओं के लिए एक सुरक्षित, सशक्त और सम्मानजनक वातावरण बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
रिपोर्ट – विजयलक्ष्मी तिवारी







