चोलापुर मानस कथा के सातवें दिन साध्वी सोनम ने बताया की जो व्यक्ति अभियान का त्याग करके राम रूपी गंगा में नहाएगा वही इस संसार रूपी भवसागर से पार हो पाएगा केवट राम संवाद में उन्होंने बताया कि जो पत्नी बिना कहे पति के दिल की बात जान ले वही असल में पत्नी है जैसे माता सीता ने राम के बिना कहे पहले ही अपनी मुद्रिका उतार कर राम को दे दिया कथा के क्रम में राधेश्याम महाराज ने भरत चरित्र का बहुत ही मार्मिक तरीके से वर्णन किया भरत के राम के प्रति प्रेम और चित्रकूट में जाकर राम को मनाने और उनके खड़ाऊ को लेकर अयोध्या आने और 14 वर्ष तक नंदीग्राम में बनवासी की तरह रहते हुए राज सिंहासन का संचालन करने के प्रसंग को बहुत ही सुंदर तरीके से श्रोता गणों को सुनाया कथा की शुरुआत में समिति के कोषाध्यक्ष देवेंद्र नाथ सिंह महासचिव बालाजी राय एच एस अकैडमी ने दीप प्रज्वलित करके एवं मानस की और व्यास गद्दी की पूजा किया
उसके बाद साध्वी सोनम ने कथा की शुरुआत की कथा के अंत में मुख्य अतिथि पूर्व एमएलसी अरविंद सिंह एवं एमएलसी पुत्र सनी और समिति के अध्यक्ष शिव शंकर सिंह बच्चा सिंह के द्वारा आरती की गई उसके बाद समिति के सभी सदस्यों को अंग वस्त्र एवं डायरी देकर सम्मानित किया गया पत्रकारों को सम्मानित किया गया गरीब महिलाओं को अध्यक्ष जी के द्वारा साड़ी और कंबल वितरित किया गया उसके बाद प्रसाद वितरण किया गया एवं भव्य भंडारे का आयोजन हुआ
जिसमें सैकड़ो की संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया कथा में मुख्य रूप से जितेंद्र सिंह, सियाराम यादव,डॉ वीरेंद्र सिंह, दिनकर मिश्रा, त्रिभुवन चौबे ,भवनाथ शर्मा , जवाहर शर्मा ,अनिल सेठ, संतोष सिंह, संजय चौबे ,भारत जायसवाल जगदीश सिंह, महेंद्र नारायण सिंह ,विनोद पाठक , सुरेंद्र सिंह रघुवंशी नित्यानंद दीक्षित डॉ श्याम प्रताप सिंह सहित सैकड़ो की संख्या में पुरुष एवं महिलाएं मौजूद थे कार्यक्रम के अंत में समिति के संयोजक हनुमान भक्त विजय सिंह ने सभी पदाधिकारी एवं सदस्यों का एवं उपस्थित सम्मानित लोगों का धन्यवाद किया









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