लखनऊ
उत्तर प्रदेश में ठंड ने दस्तक दे दी है। शनिवार सुबह श्रावस्ती, देवरिया, महाराजगंज, संभल और बाराबंकी समेत 15 शहरों में घना कोहरा छाया रहा। लखनऊ में भी हवा में प्रदूषण बढ़ने से धुंध की परत दिखाई दी। राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 200 के करीब पहुंच गया।
उधर, NCR और पश्चिमी यूपी के जिलों में वायु प्रदूषण ने चिंता बढ़ा दी है। नोएडा का AQI 400 के पार पहुंच गया है। गाजियाबाद, हापुड़ और बागपत की हवा भी रेड जोन में पहुंच गई है।
पिछले 24 घंटे में पूरे प्रदेश में रात का पारा 20°C से नीचे आ गया है। हरदोई सबसे ठंडा रहा, यहां पारा 14°C रिकॉर्ड किया गया। दिन का तापमान भी 35°C से नीचे पहुंच गया है। सबसे ज्यादा तापमान झांसी में 34°C दर्ज किया गया।
सबसे ठंडे 5 शहर – रात का तापमान
शहर न्यूनतम तापमान
हरदोई 14°C
मुजफ्फरनगर 14.4°C
इटावा 15°C
बस्ती 15°C
जालौन 15°C
सबसे गर्म 5 शहर – दिन का तापमान
शहर अधिकतम तापमान
झांसी 34°C
वाराणसी 32.8°C
हमीरपुर 32°C
बहराइच 32°C
प्रयागराज 32°C
वाराणसी BHU के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि दिवाली वाले हफ्ते में तापमान में और गिरावट आने के आसार हैं। सुबह के समय कोहरा बना रह सकता है। मौसम में बदलाव के साथ सुबह और शाम की ठंडक बढ़ेगी।
दिवाली पर कैसा रहेगा मौसम?
पश्चिमी यूपी: नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, आगरा और मथुरा में फिलहाल मौसम शुष्क रहने के संकेत हैं। सुबह हल्की धुंध देखने को मिल सकती है।
मध्य यूपी: लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, सीतापुर, हरदोई और रायबरेली में बारिश की फिलहाल संभावना नहीं है। दिन में धूप और रात में हल्की ठंड का असर रह सकता है।
पूर्वांचल: वाराणसी, गाजीपुर, बलिया, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, गोरखपुर और देवरिया में भी मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। सुबह के समय कुछ स्थानों पर हल्की धुंध देखने को मिल सकती है।
बुंदेलखंड: झांसी, बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर और ललितपुर में भी फिलहाल बारिश का कोई संकेत नहीं है।
किसानों के लिए सलाह – रबी फसलों में बरतें सावधानी
नवंबर में बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को रबी फसलों के प्रबंधन में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासकर पूर्वांचल में गेहूं, चना, मटर और सरसों की बुवाई के दौरान खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें।
निचले खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान हो सकता है। जिन खेतों में बारिश के कारण पर्याप्त नमी है, वहां अनावश्यक सिंचाई से बचें। मौसम की स्थिति और मिट्टी में नमी को देखते हुए ही बुवाई और सिंचाई का निर्णय लें।
ठंड-कोहरे में इन फसलों का रखें ध्यान
– गेहूं: शुरुआती बढ़वार के समय पर्याप्त नमी बनाए रखें। खेत में जलभराव न होने दें।
– सरसों: लगातार कोहरा और नमी रहने से सफेद रतुआ और अन्य फफूंद वाले रोगों का खतरा बढ़ सकता है। फसल की नियमित निगरानी करें।
– आलू: झुलसा रोग की आशंका पर पत्तियों की जांच करें। रोग के लक्षण दिखने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह लें।
– मटर और चना: अधिक नमी और जलभराव से जड़ों को नुकसान हो सकता है। खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखें।







