चंदौली/कंदवा
जनपद के अंतिम छोर पर स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई है इसे सुदृढ़ करने की मांग है।जनपद के अंतिम छोर व बिहार से सटे ओयरचक मे सरकारी अस्पताल तो है लेकिन वहां चिकित्सक की कमी बनी हुयी है।मात्र एक चिकित्सक के सहारे अस्पताल चल रहा है जबकि एक अन्य आयुष चिकित्सक की यहां तैनाती होनी चाहिए जिससे यहां लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
वही यहां का उपकेन्द्र पर ए एन एम की कमी बनी हुयी है जिससे गांव,क्षेत्र की महिलाओं को यहां प्रसव का लाभ नहीं मिल पा रहा है।यहां की महिलाओं को प्रसव के लिए या पी एच सी बरहनी जाना पडता है या जमानियां निजी अस्पताल मे ऐसे मे यहां लोगों का समय व धन की भी बर्बादी हो रही है।
बताया जा रहा है कि ओयरचक के प्रसव केन्द्र पर पूर्व मे ए एन एम के रुप मे डिम्पी की तैनाती थी।जून 2023 मे एनम के स्थानांतरण के बाद से यहां ए एन एम की कमी बनी हुयी है।फिलहाल पई के एनम हर्षा द्वारा यहां टीकाकरण का कार्य किया जा रहा है।लेकिन महिलाओं का प्रसव यहां नगण्य है।
स्थानीय ग्राम प्रधान जयशंकर सिंह,धनंजय उपाघ्याय सहित अन्य ने बताया कि यदि यहां ए एन एम की तैनाती होती तो गांव सहित क्षेत्र की महिलाओं के साथ बिहार की महिलाओं को भी प्रसव के लिए यहां वहां भटकना नहीं पडता। लोगों की मानें तो पूर्व मे यहां जब ए एन एम की तैनाती थी तो हर माह दस से बीस महिलाओं का यहां प्रसव होता था वहीं गर्भवती महिलाओं को स्थानीय स्तर पर ही जांच की सुविधा भी मिल जाती थी लेकिन अब स्थिति यहां उलट है।
सेंटर पर ए एन एम सहित एक आयुष चिकित्सक के तैनाती की मांग है।
इस संबंध मे प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बरहनी डाक्टर शैलेन्द्र कुमार का कहना है कि मामला संज्ञान मे है उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। वहीं एडिशनल सी एम ओ गुलाब वर्मा का कहना है कि विगत तीन वर्षों से चिकित्सक, ए एन एम की कमी बनी है शासन से रिक्तता को दूर करने के लिए मांग की गयी है।







