जरा सोचिए! राजीव गांधी के समय ₹1 में से केवल 15 पैसे गरीबों तक पहुँचने की बात कही जाती थी, और आज मोदी सरकार DBT के जरिए सीधे बैंक खातों में पैसा भेज रही है;

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जरा सोचिए! राजीव गांधी के समय ₹1 में से केवल 15 पैसे गरीबों तक पहुँचने की बात कही जाती थी, और आज मोदी सरकार DBT के जरिए सीधे बैंक खातों में पैसा भेज रही है!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात से जारी करेंगे पीएम-किसान की 24वीं किस्त — देश के 9.34 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को मिलेगा लाभ!

 तारीख और समय: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर 2026 को सुबह लगभग 10 बजे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 24वीं किस्त जारी करेंगे।

स्थान: यह कार्यक्रम गुजरात के बनासकांठा जिले के भिलड़ी कस्बे में आयोजित होने वाला है।

लाभार्थी: देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक पात्र किसान परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

 प्रति किस्त राशि: प्रत्येक पात्र किसान परिवार को ₹2,000 मिलेंगे।

 सालाना आर्थिक सहायता: पीएम-किसान योजना के तहत प्रत्येक पात्र किसान परिवार को हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता 3 किस्तों में दी जाती है। प्रत्येक किस्त ₹2,000 की होती है।

 24वीं किस्त का कुल वितरण: इस किस्त के तहत ₹18,680 करोड़ से अधिक की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में भेजे जाने की उम्मीद है।

 कुल किस्तें: 30 अक्टूबर 2026 को जारी होने वाली किस्त योजना की 24वीं किस्त होगी।

पीएम-किसान के तहत कुल सहायता: 24वीं किस्त से पहले योजना के तहत कुल ₹4.46 लाख करोड़ से अधिक वितरित किए जाने की सूचना है। नई किस्त जारी होने के बाद यह राशि ₹4.64 लाख करोड़ से अधिक हो सकती है। अंतिम राशि वास्तविक भुगतान पर निर्भर करेगी।

देशभर में कुल DBT भुगतान: विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से कुल भुगतान लगभग ₹54.15 लाख करोड़ बताया गया है। यह राशि केवल पीएम-किसान योजना की नहीं, बल्कि कई सरकारी योजनाओं की संयुक्त राशि ह

सीधे बैंक खाते में पैसा: DBT के माध्यम से सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होती है और पारदर्शिता बढ़ती है।

 e-KYC अनिवार्य: किस्त प्राप्त करने के लिए पात्र किसानों को अपनी e-KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

 आधार लिंकिंग: जहाँ आवश्यक हो, किसान का आधार बैंक खाते से जुड़ा होना चाहिए।

 भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन: योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित भूमि सत्यापन संबंधी शर्तें पूरी करना भी आवश्यक है।

पीएम-किसान योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल ₹6,000 की सहायता 3 किस्तों में दी जाती है। प्रस्तावित 24वीं किस्त के बाद योजना के तहत कुल सहायता ₹4.64 लाख करोड़ से अधिक हो सकती है, जबकि सभी सरकारी योजनाओं के अंतर्गत कुल DBT भुगतान लगभग ₹54.15 लाख करोड़ बताया गया है।

जय जवान, जय किसान!

जरा सोचिए! राजीव गांधी के समय ₹1 में से केवल 15 पैसे गरीबों तक पहुँचने की बात कही जाती थी, और आज मोदी सरकार DBT के जरिए सीधे बैंक खातों में पैसा भेज रही है!

 राजीव गांधी का बयान: 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कहा था कि सरकार द्वारा खर्च किए गए ₹1 में से केवल 15 पैसे ही गरीबों तक पहुँचते हैं।

 मोदी सरकार का DBT मॉडल: आज विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है।

 पीएम-किसान योजना: पात्र किसान परिवारों को हर साल ₹6,000 की सहायता 3 किस्तों में दी जाती है—प्रत्येक किस्त ₹2,000।

 24वीं किस्त: 30 अक्टूबर 2026 को जारी होने वाली प्रस्तावित किस्त के तहत 9.34 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

पारदर्शिता: प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) का उद्देश्य बिचौलियों को कम करना, भुगतान का रिकॉर्ड रखना और लाभार्थियों तक सहायता पहुँचाना है।

बड़ा बदलाव: सरकारी योजनाओं में तकनीक, आधार और बैंक खातों के इस्तेमाल से लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुँचाने की व्यवस्था मजबूत हुई है।

राजीव गांधी ने सरकारी योजनाओं में लीकेज की समस्या स्वीकार की थी। आज DBT व्यवस्था का उद्देश्य उसी समस्या को कम करना है—ताकि सरकारी सहायता बिचौलियों के बजाय सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुँचे।

15 पैसे से सीधे बैंक खाते तक—यही है सरकारी भुगतान व्यवस्था में बदलाव की कहानी!

 

रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला

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