वाराणसी
कहावत है, जहां सुमति तहां संपत्ति नाना, जहां कुमति तहां विपत्ति निदाना।_
इस कहावत को चरितार्थ किया है ‘शौर्य की आवाज’ पत्रकार संगठन ने।
संगठन की एंकर रिम्मी कौर को सूचना मिली कि डेढ़ साल की एक बच्ची को ब्लड की सख्त जरूरत है। उन्होंने तुरंत ब्लड देने के लिए कॉल किया। समय विपरीत होने के बावजूद सूझबूझ से ब्लड की व्यवस्था कर दी गई।
वहीं संगठन के ऑडिटर गुड्डू मौके पर अस्पताल पहुंचे और हर संभव मदद के लिए खड़े रहे। आज बच्ची की जान बच गई है, परिवार ने पूरे संगठन को आशीर्वाद दिया है। यह घटना सदैव इतिहास में याद रखी जाएगी।
‘शौर्य की आवाज’ के सभी पत्रकारों ने मदद और संस्कार का एक बड़ा संदेश दिया है।
हम सब एक रहेंगे तो हमारी ताकत अनेक रहेगी। दुख किसी भी पत्रकार भाई पर आ सकता है, इसका मतलब यह नहीं कि हम रास्ता मोड़ लें, बल्कि एक मिसाल कायम करें कि हमारे संगठन से बड़ा कोई संगठन नहीं।
सबका साथ, सबका विकास।







