मीरजापुर। भारतीय किसान यूनियन मीरजापुर ने किसान दिवस पर जिलाधिकारी को 10 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी और जिला महासचिव विरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए पत्र में जनपद के किसानों की ज्वलंत समस्याओं के समाधान की मांग की गई है।
मांग पत्र में यूनियन ने कहा है कि प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना का जनपद के किसान एक स्वर में विरोध करते हैं। किसान मुआवजा नहीं लेना चाहते, इसे जनहित में निरस्त किया जाए। साथ ही अहरौरा में वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर डीपीआर से बाहर बना अस्थाई अवैध टोल प्लाजा हटाने की मांग उठाई।
धान खरीद को लेकर यूनियन ने मांग की है कि पीसीएफ के केंद्र सभी सहकारी समितियों पर खोले जाएं, प्राइवेट क्रय केंद्र बंद कर 1 नवंबर से खरीद शुरू की जाए। इसके अलावा जमीनों की रजिस्ट्री में 5 बिस्वा से बढ़ाकर 16 बिस्वा तक आवासीय रेट वसूलने के नए नियम को किसान विरोधी बताते हुए
निरस्त करने, बीज केंद्रों पर उन्नत गेहूं का बीज उपलब्ध कराने और सिंचाई से जुड़ी समस्याओं – पटिहटा माइनर की सफाई-पक्कीकरण, धुरिया माइनर की पाइप लाइन लीकेज, लखनिया दरी के 40 मीटर ध्वस्त हाई लेवल फीडर और दौलताबाद माइनर की पटरी निर्माण को भी प्रमुखता से उठाया गया है। जमालपुर ब्लाक के गौरखपुर माफी में सीवर लाइन से क्षतिग्रस्त सड़क को तत्काल बनवाने की भी मांग की गई।








