जमानिया (गाजीपुर) नगर के बलुआ घाट स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान में श्री प्राचीन रामलीला समिति ट्रस्ट के तत्वावधान में चल रही रामलीला में भगवान श्रीराम की वन यात्रा से जुड़े कई प्रमुख और प्रेरणादायक प्रसंगों का सजीव मंचन किया गया। कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शबरी प्रेम और आत्मीय मिलन: मंचन के दौरान भगवान श्रीराम द्वारा माता शबरी के प्रेमपूर्वक अर्पित किए गए जूठे बैरों को ग्रहण करने के भावपूर्ण दृश्य ने दर्शकों की आँखें नम कर दीं। यह प्रसंग भगवान की भक्तों के प्रति अगाध करुणा को दर्शाता है।
राम-सुग्रीव मित्रता, बाली वध और सुग्रीव के राज्याभिषेक के उपरांत किष्किंधा कांड के विभिन्न प्रसंगों का आकर्षक मंचन किया गया।प्रभु श्रीराम के आदेश पर हनुमान जी द्वारा लंका प्रस्थान, अशोक वाटिका में माता सीता की खोज, राक्षसों के संहार और पूरी लंका में अग्नि लगाकर ‘लंका दहन’ करने के साहसिक दृश्य ने पंडाल में जोश भर दिया।
कलाकारों ने इन सभी प्रसंगों के माध्यम से प्रभु श्रीराम की करुणा, भक्त हनुमान की अटूट भक्ति, साहस और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया। इस दौरान पूरा रामलीला मैदान “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंजता रहा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
इस धार्मिक अनुष्ठान के अवसर पर श्री प्राचीन रामलीला समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं आदर्श नगर पालिका परिषद जमानिया के अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता जी सहित रामलीला समिति के सभी पदाधिकारी, सम्मानित सदस्य और बड़ी संख्या में क्षेत्र के श्रद्धालु उपस्थित रहे।







