वाराणसी एवं मीरजापुर जनपदों की लगभग 100 महिला किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया

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वाराणसी | भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर–आईआईवीआर), वाराणसी में महिला किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वाराणसी एवं मीरजापुर जनपदों की लगभग 100 महिला किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिला किसानों को महिला-केंद्रित कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करना, कृषि आधारित उद्यमिता अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना तथा स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना था।

कार्यक्रम के दौरान महिला-केंद्रित विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। इनमें टमाटर का निर्जलीकरण, टमाटर से सॉस तैयार करना तथा सहजन (मोरिंगा) की पत्तियों का निर्जलीकरण प्रमुख रहे। महिला किसानों ने इन प्रदर्शनों में सक्रिय भागीदारी की तथा निर्जलीकरण के लिए उपयुक्त टमाटर के फलों के चयन, प्रसंस्करण की विधियों और मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार करने के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इन तकनीकों के माध्यम से कृषि उपज के संरक्षण, बेहतर उपयोग और कृषि आधारित स्वरोजगार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया।

इसके अतिरिक्त, मशरूम उत्पादन एवं मशरूम स्पॉन (बीज) तैयार करने की तकनीकों का भी विस्तार से प्रदर्शन किया गया। महिला किसानों को मशरूम उत्पादन की विभिन्न प्रक्रियाओं तथा स्पॉन तैयार करने की विधि की जानकारी दी गई। इन तकनीकों के माध्यम से महिलाओं को कृषि आधारित उद्यमिता और अतिरिक्त आय के अवसरों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।.

इस अवसर पर महिला किसानों की छह सफलता गाथाओं का भी संकलन किया गया। ये सफलता गाथाएँ कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), देवरिया के माध्यम से प्राप्त महिला किसानों के अनुभवों पर आधारित थीं। इनमें पारंपरिक धान-गेहूँ आधारित खेती से विविधीकृत फसल उत्पादन, विशेषकर सब्जियों एवं फलों की खेती की ओर बढ़ने की यात्रा को रेखांकित किया गया। इन सफलता गाथाओं से संबंधित महिला किसानों में इंदु श्रीवास्तव, सविता देवी तथा पुनीता देवी शामिल हैं।

इन महिला किसानों के खेतों पर अपनाए गए प्रमुख हस्तक्षेपों में गन्ने जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों, फल एवं सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देना, बीजोपचार, मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए जैव उर्वरकों का प्रयोग, समेकित कीट प्रबंधन तथा जैविक सब्जी उत्पादन शामिल हैं। कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) एवं किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) की भी सक्रिय भागीदारी रही।

इस अवसर पर कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रगतिशील महिला किसानों में वाराणसी जनपद की सुनीता पटेल, आभा नीलम एवं रेशमी पटेल; मिर्जापुर जनपद की बीनू देवी; चंदौली जनपद की सुप्रिया राय एवं कुमारी साक्षी सिंह तथा आरा, बिहार की संध्या कुमारी को सम्मानित किया गया।इससे महिला किसानों के अनुभवों, नवाचारों और उपलब्धियों को पहचान देने तथा अन्य किसानों को प्रेरित करने का अवसर मिला।

कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का समन्वय प्रधान वैज्ञानिक (कृषि प्रसार) डॉ. नीरज सिंह ने किया। आयोजन में संस्थान के वैज्ञानिकों डॉ. स्वाति शर्मा, डॉ. श्रेया पंवार, डॉ. धनंजय होंगल, डॉ. अर्चना सान्याल, डॉ. ज्योति देवी, डॉ. श्वेता कुमारी तथा डॉ. भुवनेश्वरी एस. ने योगदान दिया। ऐसे कार्यक्रम महिलाओं की तकनीकी क्षमता को सशक्त बनाने, कृषि आधारित आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने तथा टिकाऊ एवं विविधीकृत कृषि प्रणालियों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 

 

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