चन्दौली कंदवा ।
असना गांव स्थित शीतला माता मंदिर मे मत्था टेक भक्तगण निहाल हो रहे हैं। नवरात्रि मे भजन कीर्तन का दौर चल रहा है। शाम को सुंदर कांड का पाठ भी हो रहा है।गांव के पूरब असना ओयरचक मार्ग पर स्थित मंदिर की स्थापना के पीछे बहुत ही रोचक कहानी छिपी है।
ग्रामीण धर्मेंद्र सिंह,सतीश सिंह,पिंटू उपाध्याय, दीनानाथ गोंड,शिवदास बिंद,भरत खरवार,सुदर्शन शर्मा,गोपाल उपाध्याय, कृष्णा नंद गुप्ता ,राजेन्द्र सहित अन्य बताते हैं कि करीब 150 वर्ष पूर्व गांव मे चेचक का प्रभाव था।
लोगबाग परेशान थे तब आस पास कोई अस्पताल नहीं था झाड फूंक पर लोग ज्यादा विश्वास करते थे।तब गांव के दर्शनिया दीप चंन्द्र साव भी चेचक की चपेट मे आ गए ऐसे मे माता कूपित है ऐसा मानकर दर्शनिया के द्वारा छोटे से मंदिर का निर्माण कराया गया।ग्रामीण मानते हैं कि तब के दौर मे मां शीतला के प्रभाव से गांव मे चेचक का प्रभाव कम हो गया।
अब कुछ वर्षों पूर्व गांव के नवयुवकों ने छोटे मंदिर को विशालता दी।अब हर वर्ष शारदीय व चैतीय नवरात्रि मे यहां नव दिन लगातार पूजा पाठ का दौर चलता रहता है।वहीं स्थानीय लोगों के साथ साथ आस पास के गांवो के लोगों का भी दर्शन पूजन के लिए प्रतिदिन आना जाना लगा रहता है।








