सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संदीप मेहता ने दवाओं की कीमतों पर सुनवाई के दौरान कहा:
“कैंसर की जरूरी दवाएं खुदरा बाजार में 27,000 रुपये में बिक रही हैं, जबकि उनकी PTR (Price to Retailer) कीमत सिर्फ 2,700 रुपये है। यह दिनदहाड़े डकैती जैसा है। जिस दवा को निर्माता 2,700 रुपये में रिटेलर को बेचता है, उसकी MRP 27,000 रुपये कैसे हो सकती है? यानी 10 गुना कीमत!”
यह टिप्पणी दवाओं की कीमतों पर तय की जाने वाली मूल्य-सीमा (price ceiling) से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान की गई।







