मानव कल्याणार्थ पांच दिवसीय शिव महापुराण कथा के निमित्त मंगलवार को पूर्वाह्न में भव्य कलश यात्रा दुर्गाकुंड स्थित दुर्गा मंदिर से निकाली गई। पारंपरिक परिवेश में काफी संख्या में महिलाएं सिर पर कलश लिए ‘हर हर महादेव’, ‘ओम नमः शिवाय’ का उद्घोष करती हुई यात्रा में चल रही थी। गाजे-बाजे के साथ रथ पर कथा व्यास व सिर पर पोथी लिए यजमान दुर्गाकुंड,दयाल टावर होते हुए आनंद पार्क स्थित तथा कथास्थल पर पहुंचे।
तत्पश्चात शिव महापुराण कथा का शुभारंभ करते हुए कथा प्रवक्ता पंडित शिवम शुक्ला ने कहा कि कलयुग में मनुष्यों के पापों का नाश करने और उन्हें मोक्ष प्रदान करने के लिए शिव महापुराण कथा श्रवण सबसे उत्तम साधन माना गया है। इस ग्रंथ का आदर पूर्वक श्रवण और पठन करने से मनुष्य को धर्म अर्थ काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थ की प्राप्ति होती है।
उन्होंने कहा कि जहां भी शिव महापुराण की कथा होती है वह स्थान तीर्थ के समान पवित्र हो जाता है और वहां रहने वालों के सभी विकार नष्ट हो जाते हैं।प्रारंभ में व्यासपीठ का पूजन आरती कौशल्या देवी अनीता विनोद सुनेजा ने किया। इस अवसर पर गीता प्रेस के कृष्ण कुमार खेमका,सतपाल ,राज, राजीव कटारिया राकेश कालरा वंश कुमार सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।







