“बाढ़ राहत शिविर प्रारम्भ कर दिए गए हैं । सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत पुरुष एवं महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है तथा सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं । जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं । लोगों को जागरूक किया जा रहा है तथा राउण्ड-द-क्लॉक पेट्रोलिंग के निर्देश दिए गए हैं” – पुलिस आयुक्त।
प्रशासन एवं पुलिस द्वारा बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा जलस्तर में होने वाले परिवर्तन के अनुसार आवश्यक सुरक्षा एवं राहत व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है ।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस एवं एनडीआरएफ की टीमों को लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए गए ।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा एवं सहायता के लिए बाढ़ राहत केन्द्रों को सक्रिय किया गया है तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं ।
नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में बच्चों एवं बुजुर्गों को जाने से रोकने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के लिए आमजन को जागरूक किया जा रहा है ।
पुलिस एवं प्रशासन द्वारा बाढ़ की स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा, राहत एवं बचाव के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण रखते हुए 24 घंटे निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस एवं एनडीआरएफ द्वारा 24 घंटे पेट्रोलिंग कर जलस्तर एवं परिस्थितियों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए ।
अधिकारियों द्वारा संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए ।

दिनांक 20.08.2026 को पुलिस आयुक्त वाराणसी मोहित अग्रवाल एवं जिलाधिकारी वाराणसी श्री सत्येन्द्र कुमार द्वारा नमो घाट से पुरानापुल तक बोट से भ्रमण कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बाढ़ की स्थिति एवं जलस्तर में होने वाले परिवर्तन पर पुलिस एवं प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है।
आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बाढ़ राहत शिविर एवं राहत केन्द्र सक्रिय किए गए हैं तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के दृष्टिगत पुरुष एवं महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों की स्थापना तथा पुलिस एवं एनडीआरएफ टीमों द्वारा राउण्ड-द-क्लॉक पेट्रोलिंग एवं सतत निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।
नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में बच्चों, बुजुर्गों तथा आमजन को जाने से रोकने एवं सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है। संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण रखते हुए नागरिकों की सुरक्षा एवं सहायता हेतु 24 घंटे निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।









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