शहाबगंज (चंदौली)
विकास खंड के भटरौल गांव से गुरुवार को ग्रामीण रोजगार और विकास की दिशा में एक नई शुरुआत हुई। खंड विकास अधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबीजी-राम जी) का शुभारंभ करते हुए कहा कि अब ग्रामीण श्रमिकों को पहले से अधिक रोजगार और बेहतर मजदूरी का लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर वीबीजी-राम जी कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब ग्रामीण श्रमिकों को वर्ष में 100 दिनों के बजाय 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी मिलेगी, जबकि प्रतिदिन 300 रुपये मजदूरी प्रदान की जाएगी।
खंड विकास अधिकारी ने बताया कि योजना के तहत गांवों में होने वाले 50 प्रतिशत विकास कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराए जाएंगे। इससे पंचायतों की भूमिका मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। जल संरक्षण, तालाब निर्माण, सड़क मरम्मत, पौधरोपण, सिंचाई व्यवस्था और ग्रामीण आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इस योजना को लागू किया गया है। कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जीआईएस आधारित तकनीक, पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म और अन्य डिजिटल व्यवस्थाओं का उपयोग किया जाएगा।
कार्यक्रम में ग्राम सचिव राजेंद्र भारती, ग्राम प्रधान सुरेंद्र चौहान, सतीष कुमार सिंह, सोना देवी, रिंकू देवी सहित बड़ी संख्या में श्रमिक और ग्रामीण उपस्थित रहे।







