चन्दौली डीडीयू नगर
अलीनगर थाना क्षेत्र के सरेसर गांव में बुधवार को एक अस्पताल की संचालिका ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। डेढ़ महीने पहले बेटी की मौत से सदमे में थीं। परिजनों के पोस्टमार्टम से इनकार करने पर पुलिस ने पंचनामा कर शव अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया।
क्षेत्र केसरेसर गांव निवासी रघुनाथ विश्वकर्मा की 48 वर्षीय पुत्री भूमिका शर्मा उर्फ गुड़िया की शादी भभौरा गांव निवासी ईश्वरचंद्र से हुई थी। पति से अनबन के बाद वह मायके में ही अस्पताल बनाकर संचालित कर रही थीं। बुधवार दोपहर भूमिका ने अस्पताल के सभी कर्मचारियों को काम पर लगा दिया और एक कर्मचारी को नाश्ता लाने भेज दिया।
इसके बाद दूसरे मंजिल के कमरे के चारों दरवाजे अंदर से बंद कर पंखे के सहारे दुपट्टे से फांसी का फंदा लगा लिया। भूमिका के दो बेटियां और एक पुत्र है। डेढ़ महीने पहले छोटी बेटी 22 वर्षीय जानू की संदिग्ध हालत में सीढ़ी से गिरने से गंभीर चोट आई थी। इलाज के दौरान एक महीने पहले उसकी मौत हो गई थी।
परिवार अभी बेटी के गम से उबरा भी नहीं था कि मां ने भी जान दे दी। नाश्ता लेकर लौटे कर्मचारी ने कमरे का दरवाजा बंद देखा। दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे तो भूमिका फंदे से लटकी मिली। परिजन और स्टाफ उन्हें गोधना के निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराना चाहती थी, लेकिन परिजनों के अड़ने पर पंचनामा भरकर शव अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं क्षेत्र में बनी हुई है। इस संबंध में अलीनगर एसओ घनश्याम शुक्ला ने बताया कि परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है।
पोस्टमार्टम से इनकार करने पर पंचनामा के आधार पर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।







