देशभर में रविवार, 21 जून को नीट-यूजी 2026 की परीक्षा (NEET-UG 2026) दोबारा कराई जा रही है। परीक्षा से पहले अजमेर में एक छात्रा को बुर्का पहनकर परीक्षा केंद्र में जाने से रोका गया
छात्रा ने एएनआइ से बातचीत में कहा कि जब NTA ने बुर्का पहनकर जाने के लिए इजाजत दी है तो मुझे जाने क्यों नहीं दिया जा रहा। छात्रा ने आगे कहा, ‘परीक्षा मायने नहीं रखती, मेरा बुर्का और पहचान मायने रखती है।’
NEET छात्रा, जिसने अपनी पहचान कुलसुम बानो के तौर पर बताई, उस छात्रा ने कहा कि वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा देने के लिए ब्यावर से आई थी और दावा किया कि उसने वही कपड़े पहने थे जो उसने पिछली बार परीक्षा देते समय पहने थे।
कुलसुम बानो ने कहा, ‘मैं NEET परीक्षा देने के लिए ब्यावर से आई हूं। जब मैंने 3 मई को परीक्षा दी थी, तब भी मैंने वही कपड़े पहने थे जो अभी पहने हैं, बुर्का और दुपट्टा।’
बानो ने आरोप लगाया कि शुरू में उसे केंद्र में घुसने से पहले दुपट्टा हटाने के लिए कहा गया, लेकिन बाद में अधिकारियों ने जोर दिया कि उसे बुर्का भी हटाना होगा।
बानो ने आगे कहा, ‘अगर NTA ने हमें इजाजत दी है तो ये लोग हमें रोक नहीं सकते। अगर मुझे परीक्षा देनी है और वे मुझे इन कपड़ों में अंदर नहीं आने देते, तो मैं परीक्षा ही नहीं दूंगी। यह शर्मनाक है कि वे 18 साल के युवाओं के साथ ऐसा कर रहे हैं।’
बानो ने कहा, ‘मेरे लिए परीक्षा मायने नहीं रखती; मेरे लिए मेरा ‘बुर्का’ और मेरी पहचान मायने रखती है।’







