उत्तर प्रदेश पुलिस की सीधी भर्ती 2023 में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर आठ लोगों के नौकरी हासिल करने का खुलासा हुआ है। पुलिस लाइन प्रतापगढ़ में तैनात एसआई राजेश कुमार यादव ने आठों के खिलाफ धोखाधड़ी करने, जाली दस्तावेज को असली बताकर नौकरी हासिल करने जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई। सभी आरोपी मिर्जापुर जिले के निवासी हैं। सबकी सेवा समाप्त कर दी गई है।

प्रयागराज के अल्लापुर निवासी एक अधिवक्ता ने बांदा पुलिस से शिकायत की थी कि मिर्जापुर के विंध्याचल थाना अंतर्गत ग्राम जासा बधौरा के निवासी शुभम दुबे ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी पाई है। शुभम की आरटीसी बांदा में हुई थी लेकिन तैनाती प्रतापगढ़ में है। इन लोगों ने प्रतापगढ़ में ही नौकरी ज्वाइन की थी। इसलिए बांदा पुलिस ने प्रकरण प्रतापगढ़ पुलिस को भेजकर जांच का अनुरोध किया। एसपी ने मामले की जांच सीओ पुलिस लाइन को सौंप दी।
जांच अधिकारी शिवनारायण वैश ने जांच कराई तो शुभम के अलावा जिले में तैनात सात और सिपाहियों मिर्जापुर के विंध्याचल थाने अंतर्गत जासा बधौरा गांव के अजय कुमार, धानी पट्टी सुपन्था गांव के प्रदीप कुमार, भोसिंह का पूरा की खुशबू गुप्ता, सरोई तिवारी आकाश मिश्रा, परमानपुर गौरा के अभिषेक पांडेय, रामपुर हंशवार के रविशंकर और थाना कोतवाली कटरा अंतर्गत बथुआ महूअरिया के दिव्यांशु यादव के प्रमाण पत्र फर्जी मिले। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी पाई है।







