चन्दौली शिकारगंज
हेतिमपुर स्थित एक ईंट भट्ठा पर सामाजिक सरोकार का प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला, जहां रोजा संस्था द्वारा मजदूर परिवारों के बीच सोलर लालटेन का वितरण किया गया। इस अभियान के तहत 28 मजदूर परिवारों को सोलर लालटेन प्रदान की गई, जिससे उनके घरों में स्वच्छ, सुरक्षित और सस्ती रोशनी पहुंच सकेगी। इस पुनीत कार्य में जिव दया फाउंडेशन का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
ईंट भट्ठों पर कार्यरत अधिकांश मजदूर परिवार आज भी बिजली की अनियमित आपूर्ति और संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में सोलर लालटेन उनके लिए किसी सौगात से कम नहीं है। खासकर बरसात, आंधी और खराब मौसम के दौरान जब बिजली व्यवस्था प्रभावित होती है, तब यह लालटेन उनके जीवन को रोशन करने का काम करेगी।
संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य श्रमिक परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाना और उनके बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना है। अब बच्चों को रात में पढ़ाई के लिए पर्याप्त प्रकाश मिलेगा, वहीं महिलाओं को भोजन बनाने और अन्य घरेलू कार्यों में सुविधा होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रोजा संस्था के मुख्य कार्यकारी ने कहा कि संस्था समाज के गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सोलर ऊर्जा न केवल पर्यावरण के अनुकूल है बल्कि ग्रामीण और श्रमिक परिवारों के लिए आर्थिक रूप से भी लाभदायक साबित होती है।
सोलर लालटेन प्राप्त करने वाले मजदूरों ने संस्था और सहयोगी संगठन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहायता उनके दैनिक जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय ग्रामीणों, संस्था के कार्यकर्ताओं एवं अन्य गणमान्य लोगों की भी सक्रिय सहभागिता रही।
गरीब और मेहनतकश परिवारों के जीवन में उजाला पहुंचाने की यह पहल न केवल सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि छोटे-छोटे प्रयास किसी के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।







