वाराणसी।
कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन दहन” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 3 करोड़ 50 लाख रुपये मूल्य के 698.781 किलोग्राम मादक पदार्थों को नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई ने नशा तस्करों के नेटवर्क को कड़ा संदेश दिया है कि वाराणसी पुलिस नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर पूरी सख्ती के साथ काम कर रही है।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन में शनिवार को जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी की अध्यक्ष पुलिस उपायुक्त अपराध नीतू कादयान की निगरानी में यह महत्वपूर्ण कार्रवाई संपन्न हुई। रामनगर (चंदौली) स्थित गणेश प्लाइवुड इंडस्ट्री में स्थापित इंसीनरेटर मशीन के माध्यम से जब्त मादक पदार्थों का विधिसम्मत विनष्टीकरण कराया गया।
इस दौरान 695.676 किलोग्राम सूखा गांजा, 2.801 किलोग्राम डायजापाम पाउडर, 189 ग्राम हेरोइन तथा 115 ग्राम अल्प्राजोलम को नष्ट किया गया। ये मादक पदार्थ एनडीपीएस एक्ट के 71 मुकदमों से संबंधित थे, जो कमिश्नरेट के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज किए गए थे।
पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने में डीसीपी क्राइम नीतू कादयान की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही। उनकी अध्यक्षता में गठित ड्रग डिस्पोजल कमेटी ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करते हुए नशीले पदार्थों को नष्ट कराया। इस दौरान अपर पुलिस उपायुक्त अपराध नृपेन्द्र कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त शुभम सिंह, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि तथा पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
वाराणसी पुलिस का कहना है कि “ऑपरेशन दहन” केवल जब्त मादक पदार्थों को नष्ट करने की कार्रवाई नहीं, बल्कि समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल है। लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों से साफ है कि कमिश्नरेट वाराणसी नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान स्तर पर कार्य कर रही है।







