जौनपुर में सूदखोरों की अब खैर नहीं। गरीबों की मजबूरी को कमाई का जरिया बनाने वालों पर पुलिस की पैनी नजर शिकायत मिली तो होगी कानूनी कार्रवाई,

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जौनपुर

गरीब की जेब खाली हो। घर में बीमारी हो। बेटी की शादी हो। या परिवार पर कोई अचानक मुसीबत आ जाए। ऐसे कठिन समय में जरूरतमंद व्यक्ति किसी साहूकार से कर्ज लेकर अपनी परेशानी दूर करने की उम्मीद करता है। लेकिन जब यही मदद कथित सूदखोरी मनमाने ब्याज धमकी और मानसिक प्रताड़ना का जरिया बन जाए। तो कर्जदार का जीवन तक संकट में पड़ जाता है। ऐसे लोगों के लिए अब जौनपुर पुलिस का सख्त संदेश है। कि कानून के विरुद्ध किसी भी प्रकार की सूदखोरी और प्रताड़ना की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएग

पुलिस अधीक्षक डॉ यशवीर सिंह के निर्देशों के क्रम में जनपद पुलिस ने स्पष्ट किया है। कि बिना वैध लाइसेंस के ब्याज पर धन उधार देकर सूदखोरी करने वालों तथा वैध लाइसेंस होने के बावजूद निर्धारित मानकों और लागू नियमों के विपरीत अत्यधिक ब्याज वसूलने वालों के विरुद्ध शिकायत मिलने पर जांच कर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

कर्ज दिया है। किसी की जिंदगी और संपत्ति पर कब्जे का अधिकार नहीं।

सूदखोरी के नाम पर किसी व्यक्ति को धमकाना ब्याज की अदायगी न होने पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करना। जमीन-मकान अपने नाम कराने के लिए अनुचित दबाव बनाना अथवा संपत्ति पर अवैध कब्जे का प्रयास करना गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में उपलब्ध तथ्यों साक्ष्यों और लागू कानून के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

कर्ज की रकम वसूलने के नाम पर कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है। कर्ज की वसूली के लिए वैधानिक प्रक्रिया अपनाना आवश्यक है। यदि किसी व्यक्ति को धमकाया जाता है। उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाई जाती है। या उसकी संपत्ति पर अनुचित तरीके से कब्जा करने का प्रयास होता है। तो पीड़ित को चुप रहने के बजाय उचित माध्यम से शिकायत करनी चाहिए।

गरीबों का शोषण बंद करें। वरना कानून के सामने देना पड़ सकता है। जवाब।

कथित अवैध सूदखोरी के कारण आर्थिक संकट झेल रहे। परिवारों की समस्याएं कई बार भयावह रूप ले लेती हैं। कर्जदार ब्याज चुकाते-चुकाते मूलधन से भी अधिक रकम दे देता है। फिर भी कथित तौर पर उसका कर्ज समाप्त नहीं होता। धमकी और लगातार दबाव की स्थिति में व्यक्ति मानसिक तनाव का शिकार हो सकता है। ऐसी परिस्थितियों में समय रहते शिकायत करना और पीड़ित को कानूनी सहायता दिलाना बेहद जरूरी है।

जौनपुर पुलिस की इस पहल से उन पीड़ितों को उम्मीद मिल सकती है। जो अब तक दबाव बदनामी या धमकी के डर से अपनी बात सामने नहीं रख पा रहे थे। हालांकि प्रत्येक शिकायत में निष्पक्ष जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।

पीड़ित कहां करें। शिकायत। पुलिस ने बताया रास्ता।

जौनपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है। कि यदि कोई व्यक्ति बिना वैध लाइसेंस के सूदखोरी कर रहा है। निर्धारित मानकों से अधिक ब्याज वसूलकर प्रताड़ित कर रहा है। अथवा कर्ज के नाम पर धमकी देकर जमीन-मकान हड़पने का दबाव बना रहा है। तो पीड़ित व्यक्ति या मामले की जानकारी रखने वाला नागरिक अपने संबंधित थाने में लिखित शिकायत दे सकता है।

इसके अतिरिक्त पुलिस द्वारा जारी मोबाइल नंबर 9454458196 पर भी सूचना दी जा सकती है। पुलिस के अनुसार, सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी तथा प्राप्त शिकायतों की जांच कर तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पत्रकारिता भी बनेगी पीड़ितों की आवाज कानून के दायरे में खुलेगा शोषण का सच

लोकतंत्र में पत्रकारिता का दायित्व केवल घटनाओं को प्रकाशित करना नहीं। बल्कि समाज के उन लोगों की आवाज उठाना भी है। जिनकी पीड़ा अक्सर दबाव और भय के कारण सामने नहीं आ पाती। यदि किसी क्षेत्र में अवैध सूदखोरी मनमानी वसूली या कर्जदारों को धमकाने की शिकायतें सामने आती हैं। तो तथ्यों दस्तावेजों और संबंधित पक्षों का जवाब लेकर निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से इस विषय को उठाया जाना चाहिए।

पुलिस प्रशासन की यह पहल तभी और प्रभावी होगी। जब पीड़ित निर्भय होकर शिकायत करेंगे। जिम्मेदार नागरिक साक्ष्यों के साथ जानकारी देंगे। और प्रशासन प्रत्येक मामले में निष्पक्षता से कार्रवाई करेगा।

सूदखोरी के नाम पर शोषण करने वालों के लिए संदेश साफ है।कानून से ऊपर कोई नहीं। गरीब की मजबूरी को अपनी ताकत समझने वाले याद रखें। कि किसी भी आरोप का फैसला जांच और कानून करेगा। लेकिन शिकायतों की अनदेखी के बजाय उन्हें सामने लाना और सत्य की पड़ताल करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

जौनपुर पुलिस की इस पहल का स्वागत किया जाना चाहिए। जरूरतमंदों को राहत पीड़ितों को न्याय और अवैध वसूली पर प्रभावी नियंत्रण‌ यही इस कार्रवाई का वास्तविक उद्देश्य होना चाहिए।

 

रिपोर्ट –  सुरेश कुमार शर्मा

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