बाँदा:
यूपी के बांदा जनपद के बबेरू तहसील अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर आज दर्जनों ग्रामीणों के साथ जनसेवक पीसी पटेल ने उप जिलाधिकारी के नाम नायब तहसीलदार राहुल गौरव को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से क्षेत्र में पनप रही गंभीर अनियमितताओं और जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दों की ओर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की गई। ग्राम कोर्रा खुर्द में जर्जर विद्यालय भवन को ध्वस्त कराने की मांग, विद्यालय का भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है, जिससे हर समय बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
वहां से निकलने वाले कई बच्चे ग्रामीण और घूम रहे जानवर विद्यालय की ईंट व पत्थर गिरने से घायल हो चुकें है। जबकि दूसरा विद्यालय कई वर्षों पूर्व में नया बनकर संचालित हो चुका है लेकिन पुराना जर्जर विद्यालय अभी तक नहीं ध्वस्त किया गया, जिससे वहां से निकलने में ग्रामीणों को खतरा बना रहता है। जनसेवक पीसी पटेल ग्रमीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस जर्जर ढांचे को तत्काल प्रभाव से ध्वस्त कराए जाने की मांग की है।
जनसेवक ने आरोप लगाते हुए बताया कि बबेरू ओरन मुख्य मार्ग स्थित ग्राम भदेहदू में कुछ लोग मेडिकल स्टोर की आड़ में बिना किसी मान्यता और बिना योग्य डॉक्टरों के अवैध रूप से अस्पताल संचालित कर रहे हैं। बिना डिग्री वाले झोलाछाप डॉक्टर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।
समाजसेवी ने नीरज मेडिकल स्टोर ग्राम भदेहदू में स्वास्थ्य विभाग और तहसील प्रशासन से संयुक्त छापेमारी कर ऐसे मेडिकल स्टोर के लाइसेंस का निरस्तीकरण और उसी के आड़ में संचालित फर्जी अस्पताल को तुरंत सील कर संचालक के विरुद्ध करवाई की मांग की है। जनसेवक के साथ ग्राम जामू निवासी महिला गायत्री व अन्य पीड़ित ग्रामीणों ने हल्का लेखपाल पर किसानों का उत्पीड़न करने और घोर अनियमितता बरतने का आरोप लगाया गया है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि संबंधित लेखपाल के द्वारा भारी बारिश के कारण ध्वस्त हमारे मकानों का सर्वे नहीं किया जा रहा है और ना ही अभी तक शासन द्वारा दी गई किट उपलब्ध कराई गई है गंभीर आरोप लगाते हुए बताया गया कि अगर लेखपाल से हम लोग अपने ध्वस्त मकानों का सर्वे करके शासन से मुआवजा दिलाने की बात कहते हैं तो हल्का लेखपाल तथाकथित एससी एसटी में फसाने की धमकी देता है जिसके खिलाफ निष्पक्ष जांच बैठाकर उस पर दंडात्मक कार्रवाई कर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई।
अधिकारियों ने जन सेवक सहित ग्रामीणों की समस्याओं की जांच कराकर कार्यवाही करने और मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया गया है।







