हर्षिता इंटरनेशनल स्कूल के दिव्यांग बच्चों में खाद्यान्न सामग्री का वितरण, महिला पुलिसकर्मियों की संवेदनशील पहल ने जीता दिल

जौनपुर
पुलिस की वर्दी को अक्सर लोग कानून-व्यवस्था, अनुशासन और सख्ती से जोड़कर देखते हैं। लेकिन जौनपुर के थाना बक्शा में तैनात महिला सिपाहियों ने आज यह साबित कर दिया कि वर्दी के भीतर एक संवेदनशील और ममतामयी दिल भी धड़कता है।
थाना बक्शा की महिला सिपाहियों ने हर्षिता इंटरनेशनल स्कूल के दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचकर खाद्यान्न सामग्री का वितरण किया। इस दौरान बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान ने वहां मौजूद हर व्यक्ति का दिल जीत लिया।
यह पहल केवल खाद्यान्न सामग्री का वितरण नहीं थी। बल्कि उन विशेष बच्चों के प्रति सम्मान, अपनापन और संवेदना का संदेश थी। महिला पुलिसकर्मियों ने यह दिखा दिया कि पुलिस और जनता का रिश्ता केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है। बल्कि जरूरतमंदों के सुख-दुख में साथ खड़ा होना भी पुलिस सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इन महिला सिपाहियों को दिल से सलाम

जौनपुर की इन महिला पुलिसकर्मियों ने समाज को यह संदेश दिया है। कि वर्दी की असली ताकत केवल अपराधियों के सामने नहीं, बल्कि कमजोर और जरूरतमंद लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने में भी दिखाई देती है।
देशभर की सभी महिला पुलिस अधिकारियों एवं महिला पुलिसकर्मियों को समर्पित इस छोटी-सी भावना के साथ कहना चाहता हूं।
बहनों, आप जब वर्दी पहनकर समाज की रक्षा करती हैं। तो देश की बेटियों का हौसला बढ़ता है। और जब उसी वर्दी में किसी दिव्यांग बच्चे के सिर पर स्नेह का हाथ रखती हैं। तो इंसानियत का सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है।
बक्शा की महिला सिपाहियों ने केवल खाद्यान्न नहीं बांटा, बल्कि अपनापन बांटा, उम्मीद बांटी और मानवता का संदेश बांटा
एक भाई होने के नाते देश की सभी महिला पुलिसकर्मियों को मेरा दिल से नमन

आप कानून की रक्षक ही नहीं, समाज की संवेदना की प्रहरी भी हैं।
आपकी वर्दी को सलाम, आपकी सेवा-भावना को सलाम और आपके उस दिल को सलाम, जिसमें दूसरों के लिए भी जगह हैं।







