मामले में इंस्पेक्टर अशोक कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करा दी गई है। अली ने अपनी जान को खतरा बताया था। कहा- ये मेरा अल्लाह जानता है कि यहां सुरक्षित रहेंगे कि नहीं मुख्यमंत्रीजी से यही कहना है कि जो होना था, वो हो गया। लेकिन सरकार के नाम पर कुछ लोग मुझे अन्यथा परेशान कर रहे हैं, उनसे हमें बचा लीजिए मुझे बेवजह सताया जा रहा है
मुझे रास्ते में पानी पीने तक नहीं दिया गया। दरअसल, नैनी जेल से झांसी ले जाते समय अली ने मीडिया के सामने बयानबाजी की थी, जिसे सुरक्षा में गंभीर चूक माना गया था। यही वजह रही कि ट्रांसफर के दौरान सुरक्षा टीम को लीड कर रहे इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की गई। अब सुरक्षा में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।







