रामगढ़ (कैमूर, बिहार) 19 सितंबर 2026, दिन शनिवार को सुबह 10:00 बजे से ही रामगढ़ में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा संघ के बैनर तले आयोजित इस विशाल सभा और प्रदर्शन में बिहार राज्य के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के जमानिया तहसील क्षेत्र से भी हजारों लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
प्रमुख मांगें और केंद्र सरकार को अल्टीमेटम
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के समक्ष मुख्य रूप से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं, जिन्हें समाज के अधिकारों और हितों के लिए बेहद जरूरी बताया गया है:
१- प्रदर्शनकारियों की पहली मांग है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के हालिया विवादित नियमों को तुरंत प्रभाव से रोलबैक बिना समय गंवाए वापस किया जाए।
२- आरक्षण व्यवस्था को वर्तमान जातिगत स्वरूप के बजाय पूरी तरह से आर्थिक आधार (Economic Basis) पर लागू किया जाए, जिससे वास्तव में जरूरतमंदों को लाभ मिल सके।
३- सवर्ण समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्गों के हितों की रक्षा के लिए अविलंब ‘सवर्ण आयोग’ (Savarna Commission) का गठन किया जाए।
ज्ञापन सौंपने का सिलसिला और आगे की रणनीति
इससे पूर्व अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा संघ के बैनर तले उत्तर प्रदेश के जिला गाज़ीपुर,तहसील जमानिया रामलीला मैदान में भी बीते 7 सितंबर 2026 को एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित कर वहां महामहिम राष्ट्रपति और देश के प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन (पत्रक) उपजिलाधिकारी (SDM) जमानिया के माध्यम से सौंपा गया था।
आयोजकों का कहना है कि यह केवल कुछ मांगें मात्र नहीं हैं, बल्कि देश में आरक्षण व्यवस्था और सामाजिक न्याय के सही सुधार के लिए एक आवश्यक कदम है। यदि सरकार समय रहते इन मुद्दों पर संज्ञान नहीं लेती है, तो इस आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।







