चंदौली। पीडीडीयू नगर तहसील दिवस के अवसर पर शनिवार को जमीन विवाद, रजिस्ट्री, कथित लेनदेन, मकान के गेट तोड़े जाने समेत कई मामलों को लेकर शिकायतकर्ताओं ने तहसील दिवस प्रभारी के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर जांच और कार्रवाई की मांग की। चार प्रमुख मामलों में शिकायतकर्ताओं ने पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्र, आख्या रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों का हवाला दिया।
राजू खान के मामले में दो अलग-अलग बयानों का मामला सामने आया। राजू खान के अनुसार, उनके पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्र के संबंध में फातिमा बेगम की ओर से दो अलग-अलग आख्या रिपोर्ट प्रस्तुत की गई हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि पहली आख्या में फातिमा बेगम की ओर से प्रशासन से 15 दिन का समय मांगे जाने और इस अवधि में उनका पैसा वापस करने की बात कही गई थी।
वहीं दूसरी आख्या रिपोर्ट में कथित तौर पर फातिमा बेगम ने कहा कि वह किसी राजू खान को नहीं जानतीं और उनके साथ किसी प्रकार का पैसों का लेनदेन नहीं हुआ है। राजू खान ने दोनों बयानों की जांच कर मामले में उचित कार्रवाई की मांग की।
राजबली यादव ने जमीन की रजिस्ट्री और रकम वापस नहीं मिलने का मामला उठाया। शिकायतकर्ता के अनुसार, बनारसी पटेल के साथ उक्त जमीन का रजिस्टर्ड सट्टा हुआ था। आरोप है कि इसके बाद बनारसी पटेल ने जमीन की रजिस्ट्री राजबली यादव के नाम करने के बजाय फातिमा बेगम की पुत्री साहिब बानो के नाम कर दी। राजबली यादव का कहना है कि रजिस्ट्री किसी अन्य के नाम किए जाने के बाद भी उनका पैसा वापस नहीं किया जा रहा है। उन्होंने दस्तावेजों की जांच कर कार्रवाई की मांग की।
बृजेश मौर्य ने गोपालपुर में बाउंड्री का गेट तोड़े जाने की शिकायत की। उनका आरोप है कि फातिमा बेगम ने उनके मकान की बाउंड्री का गेट अपने हाथों से तोड़ा। बृजेश मौर्य के पास घटना से संबंधित वीडियो साक्ष्य होने की बात कही गई है। उन्होंने उक्त वीडियो तहसील दिवस प्रभारी को दिखाते हुए मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की।
आनंद जायसवाल ने करीब 30 लाख रुपये के कथित लेनदेन और धोखाधड़ी का मामला उठाया। शिकायतकर्ता ने पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्र में जमीन के लेनदेन से संबंधित धनराशि का हवाला देते हुए आरोपों की जांच और धनराशि/जमीन से जुड़े विवाद के समाधान की मांग की। उन्होंने मामले में उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई की मांग की।
तहसील दिवस में चारों शिकायतकर्ताओं ने संबंधित दस्तावेज और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की। अब संबंधित अधिकारियों की जांच और रिपोर्ट के बाद इन मामलों में आगे की कार्रवाई पर नजर है।







