वाराणसी
धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों में शामिल दशाश्वमेध इलाके में वेतन के पैसे को लेकर विवाद के बाद मारपीट का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि दशाश्वमेध रोड स्थित हेमनदास रेखा साड़ी की दुकान पर काम करने वाले मोहित नामक कर्मचारी ने अपनी तनख्वाह के पैसे की मांग की। इसी बात को लेकर दुकान मालिक और कर्मचारी के बीच विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाजार और सड़क के बीच हुई कथित मारपीट से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान मोहित घायल होकर लहूलुहान अवस्था में जमीन पर गिर पड़ा। घटना की सूचना और स्थिति की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिसकर्मी देवेंद्र सिंह और सचिन पहुंचे। दोनों ने स्थानीय लोगों के सहयोग से घायल कर्मचारी को तत्काल उपचार के लिए पास स्थित लक्ष्मी नारायण मारवाड़ी अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने घायल की स्थिति को देखते हुए उसे आगे के उपचार के लिए मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया। घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि मारपीट की पूरी वजह, जिम्मेदार पक्ष और घटना के क्रम को लेकर पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दशाश्वमेध में दलालों के बढ़ते दखल पर भी सवाल घटना ने केवल कर्मचारी और दुकान मालिक के विवाद को ही सामने नहीं लाया, बल्कि काशी के प्रमुख पर्यटन स्थलों के आसपास कथित रूप से सक्रिय दलालों और अवैध गतिविधियों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए है
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दशाश्वमेध, गोदौलिया और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों में बाहर से आने वाले यात्रियों को बनारसी साड़ी, होटल, यात्रा, मंदिर दर्शन और अन्य सुविधाओं के नाम पर कथित तौर पर बिचौलियों के माध्यम से सेवाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की जाती है। काशी विश्वनाथ धाम से काल भैरव मंदिर समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों तक यात्रियों को पहुंचाने के नाम पर मनमाने किराये की वसूली के आरोप भी समय-समय पर सामने आते रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से यात्रियों के लिए विभिन्न सुविधाएं और सुलभ साधन उपलब्ध होने के बावजूद यदि कोई व्यक्ति पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भ्रमित कर मनमाना किराया वसूलता है, तो इससे काशी की छवि प्रभावित हो सकती है।सीसीटीवी कैमरों के बीच सवाल—निगरानी के बावजूद कैसे बढ़ रही कथित अवैध गतिविधियां?
दशाश्वमेध जैसे अति संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि बाजार क्षेत्र में खुलेआम विवाद, मारपीट या यात्रियों से कथित अवैध वसूली जैसी गतिविधियां होती हैं तो उनकी निगरानी और रोकथाम किस स्तर पर हो रही है?लोगों का कहना है कि काशी में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं।
ऐसे में उनकी सुरक्षा, सम्मान और उचित मार्गदर्शन की जिम्मेदारी केवल पुलिस-प्रशासन की ही नहीं, बल्कि पूरे शहर की है। किसी भी प्रकार की कथित ठगी, मनमानी वसूली या बिचौलियों की सक्रियता पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इसका सीधा असर बनारस की पर्यटन छवि पर पड़ सकता है।
विकास की काशी में ‘ठगी के शहर’ की छवि बनाने वालों पर कार्रवाई की मांग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पिछले वर्षों में पर्यटन, धार्मिक स्थलों और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर लगातार जोर दिया गया है। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास के इस माहौल का लाभ आम जनता, दुकानदारों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मिलना चाहिए, न कि कथित रूप से सक्रिय बिचौलियों या अवैध वसूली करने वालों को।
लोगों की मांग है कि दशाश्वमेध और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर दलालों की गतिविधियों, यात्रियों से मनमानी वसूली, अवैध रूप से सेवाएं बेचने तथा विवाद की घटनाओं पर प्रभावी निगरानी की जाए। साथ ही उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच कर यदि किसी प्रकार की कानून-विरोधी गतिविधि सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
फिलहाल दशाश्वमेध रोड पर कर्मचारी से हुई कथित मारपीट ने बाजार क्षेत्र की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और यात्रियों तथा स्थानीय व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।







