मिर्जापुर मिशन फ्यूचर मोड के तहत फ्यूचर योजना के अंतर्गत परिवहन विभाग ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। एआरटीओ महेंद्र पांडे के निर्देशन में चलाए गए सघन चेकिंग अभियान में 4 ओवरलोड ट्रक, टैक्स बकाया वाला एक डंपर और एक लोडर समेत कुल 6 वाहनों को सीज कर लिया गया। इसके अलावा फिटनेस एवं परमिट के उल्लंघन में एक स्कूल वाहन को भी बंद कर दिया गया।
विभाग द्वारा सीज की गई स्कूल वैन आरएल पब्लिक स्कूल, मिर्जापुर की है। इसका नंबर UP 63Q 8258 है। तस्वीरों में दिख रही यह पीली वैन मौके पर बिना अनिवार्य मानकों के संचालित होती पाई गई।
सूत्रों के अनुसार यह गाड़ी पहले सैमफोर्ड विद्यालय में चलती थी। विद्यालय द्वारा इसे बच्चों के लिए अनुपयुक्त मानकर बेच दिया गया था। आरोप है कि इसे खरीदने के बाद रंगाई-पुताई कर आरएल पब्लिक स्कूल के नाम से संचालित किया जा रहा था। विभाग ने गाड़ी को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। आगे की कार्रवाई विभाग द्वारा की जाएगी।
स्कूल वाहनों के लिए अनिवार्य मानक
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल वाहनों में ये मानक अनिवार्य हैं—
गाड़ी में फायर एक्सटिंग्विशर लगा होना चाहिए।जीपीएस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरा चालू हालत में होना चाहिए। बच्चों के चढ़ने-उतरने के लिए दरवाजे पर हैंडल होना अनिवार्य है। पूरी गाड़ी की खिड़कियों पर लोहे की जाली और अंदर से सुरक्षा के लिए तीन पाइप लगे होने चाहिए।
निर्माता अलार्म हर सीट पर, न होने पर आगे-पीछे अवश्य होना चाहिए। बस के अंदर फर्स्ट एड बॉक्स अनिवार्य है। बच्चों के बैग रखने के लिए सीट के नीचे रैक बना होना चाहिए।चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस हो और वह नशे की हालत में न हो, इसकी पूरी गारंटी होनी चाहिए
विभाग ने बताया कि नई गाड़ियों का फिटनेस 2 वर्ष में होता है और 2 वर्ष के बाद प्रत्येक वर्ष फिटनेस तथा परमिट का नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से वाहन स्वामियों में हड़कंप मचा हुआ है।







