जौनपुर
आमजन को बेहतर सड़क, सुरक्षित आवागमन और सुचारु नगरीय व्यवस्था उपलब्ध कराने को लेकर जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. की सक्रियता एक बार फिर जमीन पर दिखाई दी। सोमवार देर रात जिलाधिकारी स्वयं शहर की सड़कों पर निकले और विभिन्न प्रमुख मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति परखी।
देर रात अचानक हुए इस निरीक्षण से संबंधित विभागों में हलचल मच गई। वहीं जिलाधिकारी के इस कदम को आमजन की सुविधाओं को लेकर प्रशासन की गंभीरता से जोड़कर देखा जा रहा है। डीएम ने अधिकारियों के साथ केवल कागजी रिपोर्टों पर भरोसा करने के बजाय मौके पर पहुंचकर सड़कों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण की शुरुआत सद्भावना पुल से हुई। इसके बाद शाही किला, अटाला मस्जिद, जिला अस्पताल, जौनपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन, शकरमंडी, मोहम्मद हसन इंटर कॉलेज, कोतवाली क्षेत्र, सिपाह, कलेक्ट्रेट, लाइन बाजार एवं डाक बंगला लाइन बाजार सहित शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया गया।
इस दौरान जिलाधिकारी ने सड़क पर मौजूद गड्ढों, प्रकाश व्यवस्था, जल निकासी तथा अन्य नगरीय व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनता की सुविधा और सुरक्षित आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता है। सड़क, प्रकाश अथवा जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी मिलने पर उसे गंभीरता से लिया जाए और समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
डीएम ने साफ शब्दों में कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि कहीं भी उदासीनता अथवा लापरवाही सामने आती है। तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
देर रात जिलाधिकारी का स्वयं सड़कों पर उतरकर निरीक्षण करना इस बात का संदेश देता है। कि प्रशासनिक व्यवस्था केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को जमीन पर जाकर समझने और उनके समाधान तक पहुंचने के लिए भी प्रतिबद्ध है।
निरीक्षण के दौरान मुख्य राजस्व अधिकारी, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी, जल निगम, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद जौनपुर, पीडब्ल्यूडी एवं नगर पालिका के अवर अभियंता सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
जनता के लिए संदेश साफ है।व्यवस्था में सुधार होगा, लापरवाही पर जवाबदेही भी तय होगी।यह संस्करण डीएम की सकारात्मक प्रशासनिक छवि और जनहित के प्रति सक्रियता को उभारता है। जबकि खबर को अतिशयोक्तिपूर्ण प्रशंसा से बचाकर पत्रकारिता की विश्वसनीयता भी बनाए रखता है।







