मुख्यमंत्री डैशबोर्ड एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा में जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश

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भदोही, 14 सितम्बर 2026:–

मुख्यमंत्री डैशबोर्ड, करेत्तर राजस्व, राजस्व कार्यों एवं राजस्व न्यायालयों से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित राजस्व वादों का शत-प्रतिशत निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने धारा-24, धारा-34, धारा-38 एवं धारा-67 से संबंधित वादों का अभियान चलाकर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण कराने के निर्देश दिए। “न्यायालय आपके द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत अधिक लंबित प्रकरण वाले ग्रामों में स्थलीय निरीक्षण कर मामलों के प्रभावी निस्तारण पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए तहसीलदारों को अमीनवार साप्ताहिक समीक्षा करने तथा अभियान चलाकर वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। बड़े बकायेदारों से प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने के साथ ही स्टांप एवं आबकारी सहित अन्य मदों में अपेक्षित वसूली न होने पर संबंधित अधिकारियों को प्रगति बढ़ाने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली में सुधार न होने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान स्वामित्व योजना, वसूली, प्रधानमंत्री स्वनिधि, खतौनी अंश निर्धारण, नामांतरण, नाम संशोधन, साल्वेंसी, जनसुनवाई, कृषक दुर्घटना सहायता सहित विभिन्न संकेतकों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सी एवं डी श्रेणी में आने वाले संकेतकों पर विशेष ध्यान देते हुए उन्हें ए श्रेणी में लाने के लिए ठोस कार्ययोजना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से अपने-अपने विभागीय संकेतकों की नियमित समीक्षा कर कमियों को तत्काल दूर करने को कहा।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की समीक्षा में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी ने परियोजना अधिकारी डूडा एवं समस्त नगर पालिका/नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निकायों में विशेष कैंप आयोजित कर पात्र लाभार्थियों का सत्यापन कराते हुए लंबित प्रकरणों को पूर्ण किया जाए तथा लक्ष्य के सापेक्ष अधिक से अधिक लाभार्थियों के ऋण स्वीकृत कराए जाएं। प्रगति में सुधार न होने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने वरासत अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि 21 सितम्बर 2026 तक पात्र लाभार्थियों की वरासत दर्ज करने की कार्रवाई शत-प्रतिशत पूर्ण कराई जाए। उन्होंने प्रतिदिन लेखपालवार समीक्षा करते हुए प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही निर्देश दिया कि वरासत से संबंधित पात्र आवेदन अनावश्यक रूप से निरस्त न किए जाएं तथा प्रत्येक प्रकरण का नियमानुसार गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

राजस्व न्यायालयों की समीक्षा के दौरान धारा-24 एवं धारा-34 के वादों के साथ अन्य लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। नायब तहसीलदार ज्ञानपुर भागीरथी द्वारा अधिकाधिक मुकदमों का निस्तारण किए जाने पर जिलाधिकारी ने उनके कार्य की सराहना की तथा शेष लंबित मामलों में भी तेजी लाने को कहा। धारा-67 के प्रकरणों में निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का अनिवार्य रूप से अनुपालन कराने तथा आरसी वसूली शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

करेत्तर राजस्व की समीक्षा के दौरान परिवहन, आबकारी, स्टांप, राजस्व, नगर निकाय एवं खनन विभाग की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि अगली समीक्षा बैठक से पूर्व सभी आरसी का कलेक्ट्रेट स्थित सीआरए पटल पर शत-प्रतिशत मिलान कराया जाए। एआरटीओ को परिवहन विभाग से संबंधित सभी आरसी का भी सीआरए पटल पर मिलान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान नेडा, आवास, विद्युत विभाग एवं मंडी समिति की आईजीआरएस में फीडबैक की स्थिति भी देखी गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्वयं प्रकरणों की समीक्षा कर शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण एवं शत-प्रतिशत संतुष्टि फीडबैक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में खतौनी अंश निर्धारण, स्वामित्व योजना, एंटी भू-माफिया अभियान, ऑडिट आपत्तियों एवं राजस्व वादों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित प्रकरणों का नियमानुसार गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं एवं जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) शुभांगी शुक्ला, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) विजय नारायण सिंह, समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

रिपोर्ट – फारुख जाफरी

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