चन्दौली सकलडीहा
तहसील के धरहरा में दिव्यांग बच्चों को बेहतर व आधुनिक शिक्षा के लिये करोंडों की लागत से नवीन ममता राजकीय मानसिक मंदित विद्यालय बनकर तैयार हो गया है। यह जिले के साथ पूर्वांचल के 10 जिलों के बच्चों को इसका लाभ मिलेगा। दो मंजिला भवन में पढ़ाई के साथ प्रशिक्षण और मुफ्त खाने पीने व आवासीय सुविधा का भी व्यवस्था मिलेगा।
लेकिन यहां तक पहुंचने वाली एक किलोमीटर मार्ग पूरी तरह से जर्जर है। जिससे बच्चों को आने जाने में काफी असुविधा हो रही है। ग्रामीणों ने जर्जर सड़क की मरम्मत की मांग उठाया है।
दिव्यांग बच्चों को शिक्षित व सशक्त बनाकर समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिये धरहरा गांव में 11.69 करोड़ की लागत से आवासीय विद्यालय का निर्माण जनवरी 2022 से शुरू कराया गया था। यहां एक साथ 100 बच्चों को रहने खाने से लेकर पढ़ाई व प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगा।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अनुसार वाराणसी मंडल व पूर्वांचल के 10 जिलों में इस तरह का पहला विद्यालय होगा। आवासीय सुविधा में रहकर दिव्यांग बच्चे पढ़ाई कर सकते है। अभी तक प्रयागराज और गोरखपुर में इस तरह का विद्यालय की सुविधा उपलब्ध है।
इससे यहां दाखिला लेने वाले बच्चों केा अच्छी शिक्षा व रोजगार के लिये बाहर जाने की जरूरत नहीं हेागा। शासन से स्वीकृति मिलने पर वर्ष 2022 में निर्माण कार्य शुरू हो गया था। विद्यालय बनकर तैयार है यहां पर बचपन डे केयर सेंटर भी संचालित है।
यहां पर आने वाले बच्चों को जर्जर मार्ग से होकर जाना पड़ता है। बरसात के दिनों में विद्यालय तक स्कूली वाहन से बच्चों को जाने में काफी असुविधा हुई। ग्रामीणों ने जर्जर सड़क की मरम्मत की मांग किया है।







