चकिया
मानव सेवा और सामाजिक सरोकार की भावना को सर्वोपरि रखते हुए हिन्दी दैनिक आशंका बुलेटिन के चकिया तहसील प्रभारी प्रशान्त कुमार ने एक बार फिर इंसानियत की मिसाल पेश की। उन्होंने अपने जीवन में 13वीं बार रक्तदान कर एक जरूरतमंद गरीब परिवार के सदस्य की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
रक्त की तत्काल आवश्यकता की जानकारी मिलने पर प्रशान्त कुमार बिना किसी स्वार्थ के आगे आए और अपना रक्तदान किया। उनके इस मानवीय कार्य से संकट में पड़े परिवार को बड़ी राहत मिली। रक्तदान के बाद परिवार के लोगों ने उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे समय में किया गया सहयोग जीवनभर याद रहता है।
प्रशान्त कुमार ने कहा कि “रक्तदान महादान है। हमारे द्वारा दिया गया रक्त किसी अनजान व्यक्ति के जीवन में उम्मीद की नई किरण बन सकता है। इसलिए स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान अवश्य करना चाहिए।”
उनके इस पुनीत कार्य की क्षेत्र में सराहना हो रही है। लगातार 13वीं बार रक्तदान कर उन्होंने यह संदेश दिया है कि पत्रकारिता केवल खबरों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज और मानवता के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी माध्यम है।
वास्तव में, धन-दौलत का दान तो बहुत लोग करते हैं, लेकिन किसी के जीवन को बचाने के लिए अपने शरीर का रक्त देना मानवता का सबसे बड़ा दान है। प्रशान्त कुमार का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायी है।







