काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में सन् 2014 में पारित नियमावली के अनुसार 40% से 100% तक दृष्टिबाधित विद्यार्थियों एवं 70% से अधिक दिव्यांगता वाले अन्य विद्यार्थियों को छात्रावास आवंटन अनिवार्य है।
परंतु विगत 4-5 वर्षों से इस नियम का लगातार उल्लंघन हो रहा है। परिणामस्वरूप प्रवेश के बाद भी दिव्यांग विद्यार्थियों को छात्रावास के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। विडंबना यह है कि विभिन्न छात्रावासों में खाली पड़े कमरों को प्रशासन गेस्ट चार्ज पर देने को तैयार है, पर भटक रहे दिव्यांग विद्यार्थियों को आधिकारिक आवंटन करने को तैयार नहीं है।
इस संबंध में हम दिव्यांग विद्यार्थी पिछले 4-5 वर्षों से माननीय अधिष्ठाता छात्र कल्याण से लेकर माननीय कुलपति जी तक कई बार पत्राचार कर चुके हैं, किन्तु आज तक कोई समाधान नहीं निकला।
अतः समस्त दिव्यांग विद्यार्थी 10 सितंबर, दोपहर 12 बजे से सेंट्रल ऑफिस पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य हुए हैं।
इस संदर्भ में हमने 8 सितंबर को संयुक्त कुलसचिव एवं दिव्यांगता प्रकोष्ठ प्रमुख को प्रार्थना-पत्र सौंप कर 24 घंटे का समय दिया है कि –
1. नियमावली के अनुपालन हेतु लिखित रूप में तिथि निर्धारित की जाए,
2. जिन विद्यार्थियों को छात्रावास नहीं मिला है, उन्हें खाली कमरों में रहने की अनुमति दी जाए,
3. नए विद्यार्थियों से लिया जा रहा गेस्ट चार्ज वापस किया जाए।
यदि प्रशासन द्वारा उक्त मांगों पर लिखित आश्वासन मिल जाता है तो हम प्रशासन द्वारा दिए गए समय तक धरने को स्थगित कर देंगे।
आप सभी पत्रकार बंधुओं से निवेदन है कि हमारे इस शांतिपूर्ण विरोध को अपने समाचार-पत्रों में स्थान देने की कृपा करें।
निवेदक:
राहुल कुमार यादव, शोध छात्र, हिंदी विभाग
एवं समस्त दिव्यांग विद्यार्थी, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय







