बाढ़ के बीच ‘एक्शन मोड’ में तहसीलदार देवेंद्र कुमार यादव, गांवों में खुद संभाली राहत की कमान

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चन्दौली इलिया

पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने चंदौली में बाढ़ के हालात पैदा कर दिए हैं। कर्मनाशा और चंद्रप्रभा नदियों के उफान से निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है। कई गांवों में आवागमन प्रभावित है और ग्रामीण बाढ़ के पानी के बीच मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में चकिया तहसीलदार देवेंद्र कुमार यादव ने मोर्चा संभालते हुए प्रशासनिक टीम को सीधे प्रभावित गांवों तक पहुंचाया।

रविवार को तहसीलदार देवेंद्र कुमार यादव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। पानी से घिरे इलाकों में पहुंचकर उन्होंने ग्रामीणों से संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और राहत व्यवस्था को मौके से ही गति दी। उनके साथ मंडल अध्यक्ष संतोष सिंह और मंडल महामंत्री आशीष पाठक भी मौजूद रहे।

‘जहां सैलाब, वहीं तहसीलदार’—गांवों तक पहुंची राहत

बाढ़ प्रभावित मवइयां, केरायगांव और तियरा में प्रशासन की ओर से राहत सामग्री वितरित की गई। मवइयां में जलभराव से प्रभावित परिवारों को सूखा राशन, तिरपाल और जरूरी खाद्य सामग्री दी गई।

वहीं केराय गांव में तहसीलदार ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं और राहत पैकेट वितरित कराए। तियरा के निचले और बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत टीम भेजकर प्रभावित परिवारों तक राशन किट पहुंचाई गई।

फील्ड में लेखपाल, लगातार हो रही निगरानी

तहसीलदार देवेंद्र कुमार यादव ने बताया कि क्षेत्र के सभी लेखपालों को फील्ड में लगाया गया है, जो लगातार प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रहे हैं और प्रशासन को जमीनी स्थिति की जानकारी दे रहे हैं। जलस्तर पर भी लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि परिस्थितियों के अनुसार तत्काल राहत एवं बचाव की कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। प्रभावित परिवारों तक भोजन, पेयजल, तिरपाल और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए राहत टीमों को सक्रिय रखा गया है। संकट की इस घड़ी में किसी भी प्रभावित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।

सैलाब के बीच प्रशासन की सीधी दस्तक

बाढ़ ने जहां ग्रामीणों के सामने मुश्किलें खड़ी की हैं, वहीं प्रशासन की सक्रियता ने राहत की उम्मीद कायम रखी है। दफ्तरों में बैठकर हालात की जानकारी लेने के बजाय तहसीलदार देवेंद्र कुमार यादव का प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचना और मौके से राहत व्यवस्था की निगरानी करना ग्रामीणों के लिए भरोसे का संदेश बना है।

प्रशासन का स्पष्ट फोकस है-

बाढ़ का पानी बढ़े तो निगरानी बढ़े, जरूरत सामने आए तो राहत तुरंत पहुंचे और कोई भी प्रभावित परिवार मदद से वंचित न रहे।

 

रिपोर्ट – आलिम हाशमी

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