गंगा और वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर के दृष्टिगत 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ द्वारा बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रेक्की एवं तैयारियों का जायजा

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वाराणसी में गंगा एवं वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर के दृष्टिगत 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, वाराणसी द्वारा दिनांक 03 सितम्बर 2026 को बाढ़ संभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में रेक्की कर स्थिति का जायजा लिया गया। अनूप सिंह बिष्ट, कमांडिंग ऑफिसर, 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ के नेतृत्व में एनडीआरएफ टीम द्वारा गंगा एवं वरुणा नदी के तटीय तथा समीपवर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया।

रेक्की के दौरान संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, संवेदनशील स्थलों तथा स्थानीय परिस्थितियों का गहन आकलन किया गया। साथ ही, संभावित बाढ़ की स्थिति में बचाव, राहत एवं निकासी कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने हेतु आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की गई।

एनडीआरएफ द्वारा जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। इस क्रम में मोहित अग्रवाल, आईपीएस, पुलिस आयुक्त, वाराणसी; सतेंद्र कुमार, आईएएस, जिलाधिकारी, वाराणसी काशी एवं वरुणा जोन के डीसीपी तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ आवश्यक समन्वय एवं विचार-विमर्श किया गया। वर्तमान में गंगा नदी का जलस्तर 70.61 मीटर दर्ज किया गया है, जो चेतावनी स्तर से ऊपर है। एनडीआरएफ द्वारा नदी के जलस्तर एवं बाढ़ की संभावित स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है।

संभावित बाढ़ एवं जलजनित आपदाओं के दृष्टिगत 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ की टीमें निरंतर जल गश्त कर संवेदनशील एवं बाढ़ संभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं तथा स्थिति का लगातार आकलन कर रही हैं।11वीं वाहिनी एनडीआरएफ किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी बचाव एवं राहत कार्य सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क एवं तैयार है।

जिला प्रशासन एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ निरंतर समन्वय एवं तालमेल बनाए रखते हुए किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया एवं प्रभावी आपदा प्रबंधन सुनिश्चित करने हेतु एनडीआरएफ पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

 

रिपोर्ट: विजयलक्ष्मी तिवारी

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