रक्षाबंधन केवल कलाई पर बंधने वाला धागा नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान, जिम्मेदारी और रिश्तों की उस अटूट डोर का नाम है। जो भाई-बहन के साथ-साथ पूरे समाज को जोड़ती है।
आज के इस पावन पर्व पर मैं देश की हर माता, हर बहन, हर बेटी और देश के प्रत्येक नागरिक को हृदय की गहराइयों से रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देता हूँ।
मेरी नजर में सच्चा भाई वह नहीं, जो केवल अपनी बहन की कलाई पर राखी बंधवाकर उसकी रक्षा का वचन दे; सच्चा भाई वह है। जो हर बेटी के सम्मान, हर बहन की सुरक्षा और हर महिला के अधिकार के लिए आवाज उठाने का साहस रखता हो।
आइए, आज हम केवल राखी का पर्व न मनाएँ, बल्कि एक ऐसा संकल्प लें कि हमारे समाज की किसी भी बेटी या बहन को कभी यह महसूस न हो कि वह अकेली है।
जहाँ नारी का सम्मान होगा, वहीं संस्कार होंगे; जहाँ बेटियों की सुरक्षा होगी, वहीं सशक्त समाज का निर्माण होगा।
और देश के मेरे सभी पत्रकार साथियों से भी मेरा आग्रह है।
कलम को केवल खबर लिखने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की आवाज और कमजोरों की ताकत बनाइए।
क्योंकि जब पत्रकार की कलम सच्चाई के लिए उठती है। तो अन्याय की सबसे मजबूत दीवार भी हिल जाती है।
इस रक्षाबंधन पर मेरा संदेश स्पष्ट है।
राखी की डोर केवल कलाई पर नहीं, दिल और जिम्मेदारी में भी बंधनी चाहिए।
🙏 देश की समस्त माताओं, बहनों, बेटियों एवं मेरे पत्रकार साथियों को रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएँ। 🙏🌹🌹
आइए, ऐसा भारत बनाएं जहाँ हर बहन सुरक्षित हो, हर बेटी सम्मानित हो और हर नागरिक गर्व से कह सके
यह देश मेरा है। और इसकी बेटियाँ मेरी जिम्मेदारी हैं।
आपका अपना
सुरेश कुमार शर्मा
राष्ट्रीय अध्यक्ष का विशेष सलाहकार
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग, नई दिल्ली







