हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की परंपरा को बच्चों ने भी आगे बढ़ाया
चंदौली
चंदौली जनपद के मिल्कीपुर गांव में हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की मिसाल उस समय देखने को मिली, जब सुरेश कुमार की बेटी सौम्या ने हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी ईशान मिल्की के बेटे शान मिल्की की कलाई पर रक्षाबंधन के अवसर पर राखी बांधी। सौम्या बचपन से ही शान को राखी बांधती आ रही हैं और दोनों परिवारों के बीच यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है।
रक्षाबंधन के अवसर पर सौम्या ने शान की कलाई पर राखी बांधकर भाई-बहन के स्नेह और आपसी विश्वास का संदेश दिया। इस दौरान दोनों परिवारों ने कहा कि त्योहार किसी एक धर्म तक सीमित नहीं होते, बल्कि आपसी प्रेम, सम्मान और भाईचारे को मजबूत करने का माध्यम होते हैं।
बताया जाता है कि ईशान मिल्की और सुरेश कुमार बचपन से ही एक-दूसरे के मित्र हैं। दोनों एक-दूसरे के धर्म और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हैं तथा विभिन्न त्योहारों को भी आपसी सौहार्द के साथ मनाते हैं। दोनों परिवारों का कहना है कि उन्होंने अपने बच्चों को भी प्रेम, सम्मान और सामाजिक भाईचारे की यही सीख देने का संकल्प लिया है।
रक्षाबंधन पर हुई इस छोटी-सी पहल ने यह संदेश दिया कि रिश्ते धर्म की सीमाओं से नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और सम्मान से मजबूत होते हैं। स्थानीय लोगों ने भी दोनों परिवारों की इस परंपरा को हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सौहार्द की सकारात्मक मिसाल बताया।







