कलम मेरी जिंदगी है, कलम मेरी इंसाफ का घर है, कलम मेरी बंदगी है, कलम तू ही तू है
जुनून है सच दिखाने की, हम बनेंगे आपकी आवाज, पत्रकार जगदीश शुक्ला की कलम से,
पत्रकार इस देश का चौथास्तंभ है, पत्रकार कोई आम नाम नहीं है, यह हर आवाज को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है।
जो लोग सोचते हैं कि पत्रकारों के ग्रुप में रहकर कुछ हासिल नहीं होता या कभी जरूरत ही नहीं पड़ेगी-उन्हें शायद यह नहीं पता कि जब समाज की सबसे ऊंची आवाज भी अनसुनी कर दी जाती है। तब वहीं पत्रकार अपने शब्दों की कलम से तलवार की धार बनकर सच्चाई को दुनिया के सामने लाते हैं।
यह कोई मजाक का मंच नहीं है, यह वह समूह है, जहां सूचनाओं का आदान-प्रदान होता है। जहां लोगों की आवाजों को प्लेटफॉर्म मिलता है। गलतफहमी में रहना, यह कोई फालतू या गंन्दीं ग्रुप नहीं है।
तो कृपया किसी ट्रेडिंग रिंल यां गाॅसिफ ग्रुप से तुलना ना करें।
जब संकट आता है, जब न्याय की बात करनी होती है, तब सबसे पहले याद आता है, एक पत्रकार,एक खबर, एक आवाज,
जो लोग ग्रुप छोड़कर सोचते हैं कि कोई फर्क नहीं पड़ेगा, जरा सोचिए जब आपकी बात किसी को कहनीं हो, तब रहेगा कौन, पत्रकार ✍️ ,
रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला







