भभुआ, कैमूर
श्रम संसाधन एवं श्रमिक कल्याण विभाग, बिहार के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद एवं विभागीय सचिव को बैंक मित्रों की विभिन्न समस्याओं और कल्याणकारी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। इस विशेष कार्यक्रम में कैमूर, आरा, बक्सर और रोहतास जिले से सैकड़ों की संख्या में बैंक मित्र साथी भभुआ स्थित अतिथि गृह पहुंचे और अपनी समस्याओं को मंत्री के समक्ष रखा।
बैंक मित्रों ने बताया कि कई बार बिना किसी पूर्व सूचना के उनका बैंकिंग कोड बंद कर दिया जाता है, जिससे उनका रोजगार प्रभावित होता है। बैंक मित्रों ने यह भी आरोप लगाया कि PMJJBY, PMSBY और APY जैसी योजनाओं को लेकर कंपनियों एवं कुछ बैंक कर्मियों द्वारा उन पर दबाव बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लक्ष्य पूरा नहीं करने पर कोड बंद करने की धमकी दिए जाने की शिकायतें भी सामने आती हैं।
बैंक मित्रों ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उनका कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के दौरान उन्हें नकदी के साथ काम करना पड़ता है, जिससे लूट एवं हिंसा का भय बना रहता है। बैंक मित्रों ने सरकार से सुरक्षा की ठोस व्यवस्था तथा आवश्यक संरक्षण उपलब्ध कराने की मांग की।
इसके अलावा बैंक मित्रों ने कमीशन में कमी और आय से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि वर्ष 2013-14 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बैंक मित्रों को प्रतिमाह ₹5,000 देने की घोषणा की बात कही गई थी, लेकिन वर्तमान में कई बैंक मित्रों को पर्याप्त पारिश्रमिक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बिचौलिया कंपनियों की भूमिका और कमीशन व्यवस्था में पारदर्शिता की भी मांग की।
बैंक मित्रों की समस्याओं को सुनने के बाद मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा तथा “जो भी हमसे संभव होगा, वह हम करेंगे।”
मंत्री के इस आश्वासन के बाद बैंक मित्रों में खुशी का माहौल देखने को मिला। बैंक मित्रों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ठोस कदम उठाएगी।







