जौनपुर जनपद की कानून-व्यवस्था में इन दिनों एक बड़ा बदलाव साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है। जब से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने जिले की कमान संभाली है। तब से अपराधियों के हौसले पस्त और आम जनता के चेहरे पर सुरक्षा का भरोसा लौटता नजर आ रहा है।
अपराधियों पर ‘सिंघम स्ट्राइक’
SSP की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अब केवल कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि सड़कों पर उसका असर दिख रहा है। लगातार हो रही मुठभेड़ों, ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों और सख्त कानूनी कार्रवाई ने अपराधियों की कमर तोड़ दी है।
हालात यह हैं। कि कई शातिर अपराधी या तो जेल की सलाखों के पीछे हैं। या फिर जिला छोड़कर फरार हो चुके हैं।
पुलिस महकमे में भी सख्ती।
कप्तान की सख्ती सिर्फ अपराधियों तक सीमित नहीं है। विभाग के भीतर भी लापरवाही पर करारा प्रहार जारी है।
ड्यूटी में ढिलाई बरतने वाले पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर
कई पर निलंबन की कार्रवाई
हर स्तर पर जवाबदेही तय
इससे पुलिस विभाग में अनुशासन की नई मिसाल कायम हो रही है।
जनता के लिए मित्र, अपराधियों के लिए काल”
SSP का साफ संदेश है। जनता की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। पुलिस आम लोगों की मित्र है। लेकिन अपराधियों के लिए काल साबित होगी।
चौक-चौराहों पर एक ही चर्चा
जौनपुर के हर गली-मोहल्ले, चाय की दुकानों और बाजारों में बस एक ही नाम गूंज रहा है। कप्तान साहब का।
आम नागरिक खुद को पहले से ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
अपराधियों में भय का माहौल साफ दिखाई दे रहा है।
उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि को नई ऊंचाई
कुंवर अनुपम सिंह की यह आक्रामक और पारदर्शी कार्यशैली न केवल जौनपुर में कानून का राज मजबूत कर रही है। बल्कि पूरे प्रदेश में पुलिस की छवि को नई पहचान दे रही है।
संदेश साफ है। जौनपुर में अब कानून का राज है। और जो भी उससे टकराएगा, उसका अंजाम तय है।
रिपोर्ट- सुरेश कुमार शर्मा







