हिन्दू पक्ष के अधिवक्ता मदन मोहन यादव ने बताया कि बुधवार को अदालत ने हिन्दू और मुस्लिम दोनों पक्षों से सहमति प्राप्त की और ताले पर लगे कपड़े को बदलने के संबंध में आदेश सुरक्षित रखा। उन्होंने कहा कि पिछली सुनवाई में अदालत ने स्पष्ट किया था कि चूंकि मामला वर्तमान में उच्चतम न्यायालय में लंबित है, इसलिए वह स्वयं कोई अंतिम आदेश नहीं दे सकती।यादव ने बताया कि अदालत ने कहा था कि अगर दोनों पक्ष सहमत हैं तो ताले पर लगे कपड़े को बदला जा सकता है।
ज्ञात हो कि मई 2022 में अदालत के आदेश के बाद ज्ञानवापी परिसर का सर्वेक्षण किया गया था। इसके बाद दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिवीजन) और उच्चतम न्यायालय के आदेश के तहत मस्जिद के वजूखाना क्षेत्र को सील कर दिया गया था। मदन मोहन यादव ने बताया कि ताले पर बंधा कपड़ा समय के साथ फट और घिस गया है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से हिंदू पक्ष ने इस वर्ष 8 अगस्त को याचिका दायर कर ताले पर लगे कपड़े को बदलने की अनुमति मांगी थी।







