दिनांक 30.10.2026 को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों एवं चौकी प्रभारियों के साथ गोष्ठी आयोजित कर जनसुनवाई की गुणवत्ता में सुधार, जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण, अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था एवं यातायात प्रबंधन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
गोष्ठी में पुलिस आयुक्त द्वारा जनसुनवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया गया। प्रमुख दिशा-निर्देश निम्नवत् हैं—
1. प्रभावी जनसुनवाई एवं जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण
• सभी राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारी निर्धारित समय पर अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर नियमित रूप से जनसुनवाई सुनिश्चित करें।
• थानों एवं चौकियों पर आने वाले प्रत्येक फरियादी की शिकायत को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुनते हुए उसकी हरसंभव सहायता की जाए।
• जनशिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए।
• IGRS, जनसुनवाई, मुख्यमंत्री संदर्भ, PG पोर्टल एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त प्रत्येक शिकायत का निर्धारित समयसीमा में निष्पक्ष एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
• शिकायतों के निस्तारण के उपरान्त शिकायतकर्ता से फीडबैक अवश्य प्राप्त किया जाए, जिससे निस्तारण की गुणवत्ता एवं पीड़ित की संतुष्टि का आकलन किया जा सके।
2. स्थानीय विवादों एवं कानून-व्यवस्था के संबंध में निर्देश
• थानों एवं चौकियों पर जनसुनवाई की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाया जाए।
• भूमि विवाद एवं अन्य स्थानीय विवादों में संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर नियमानुसार प्रभावी कार्यवाही की जाए।
• संवेदनशील प्रकरणों में विशेष सतर्कता बरतते हुए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं, जिससे विवादों को बढ़ने से रोका जा सके तथा कानून-व्यवस्था बनी रहे।
• यक्ष एप पर फीड की गई बीट सूचनाओं का नियमित विश्लेषण कर संभावित विवादों एवं संवेदनशील व्यक्तियों/स्थानों की पहचान करते हुए आवश्यक निरोधात्मक कार्यवाही की जाए।
• शांति भंग की आशंका वाले मामलों में प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
3. अपराध नियंत्रण एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
• जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट क्राइम की नीति के तहत चेन स्नेचिंग, छेड़खानी, चोरी एवं नकबजनी जैसी घटनाओं में त्वरित एवं समयबद्ध विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
• अपराधों की रोकथाम एवं अनावरण के लिए प्रभावी पुलिसिंग तथा क्षेत्र में सतर्क निगरानी रखी जाए।
• आदतन एवं सक्रिय अपराधियों की नियमित विधिक मॉनिटरिंग की जाए तथा उनकी गतिविधियों पर सतत निगरानी रखते हुए आवश्यक विधिक कार्यवाही की जाए।
4. रात्रि गश्त एवं पुलिस बल की प्रभावी विजिबिलिटी
• प्रत्येक थाने से रात्रि के समय उपलब्ध पुलिस बल का न्यूनतम 25 प्रतिशत बल अनिवार्य रूप से गश्त पर निकाला जाए।
• शाम के समय सड़कों एवं प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस बल की पर्याप्त विजिबिलिटी सुनिश्चित की जाए।
• संवेदनशील क्षेत्रों, अपराध संभावित स्थलों एवं प्रमुख मार्गों पर नियमित एवं प्रभावी गश्त की जाए।
• गश्त के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों एवं गतिविधियों पर विशेष सतर्कता रखी जाए।

5. सुगम यातायात एवं अतिक्रमण के विरुद्ध कार्यवाही
• शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने हेतु प्रभावी कार्ययोजना के तहत कार्यवाही की जाए।
• प्रमुख चौराहों, मार्गों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात पुलिस एवं थाना पुलिस के बीच समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी अनावश्यक जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।
• यातायात बाधित करने वाले अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्यवाही की जाए।
• यातायात व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करने वाले कारणों की पहचान कर उनका स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
6. विवेचनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण
• लंबित विवेचनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए 60 एवं 90 दिवस की निर्धारित समयसीमा के भीतर उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
• विवेचनाओं में अनावश्यक विलंब न किया जाए तथा साक्ष्यों का संकलन एवं विधिक औपचारिकताएं समय से पूर्ण की जाएं।
• विवेचकों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए लंबित विवेचनाओं के निस्तारण में तेजी लाई जाए।
दिनांक 30.10.2026 को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों एवं चौकी प्रभारियों के साथ गोष्ठी कर जनसुनवाई, अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पुलिस आयुक्त ने जनसुनवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी अधिकारियों को निर्धारित समय पर कार्यालयों में उपस्थित रहकर पीड़ितों की शिकायतें गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुनने तथा IGRS, मुख्यमंत्री संदर्भ, PG पोर्टल एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने के निर्देश दिए। भूमि एवं स्थानीय विवादों में विभागीय समन्वय स्थापित कर प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही करने तथा यक्ष एप पर प्राप्त बीट सूचनाओं के आधार पर विवादों की पहचान करने को कहा गया।
जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट क्राइम के तहत चेन स्नेचिंग, छेड़खानी, चोरी एवं नकबजनी की घटनाओं में त्वरित विधिक कार्यवाही तथा आदतन अपराधियों की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक थाने से रात्रि में न्यूनतम 25 प्रतिशत पुलिस बल की गश्त, शाम के समय पुलिस विजिबिलिटी, सुगम यातायात, अतिक्रमण के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही तथा लंबित विवेचनाओं का 60 एवं 90 दिवस में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।






