राहुल गांधी की रहस्यमयी वियतनाम यात्रा!

Picture of Shauryanewsindia220@gmail.com

Shauryanewsindia220@gmail.com

FOLLOW US:

Share

“OSINT का बड़ा खुलासा!

 

क्या यह सिर्फ इत्तेफाक है या गहरी सांठगांठ?”

📍 तथ्य 1 : संदिग्ध टाइमिंग – नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 18 अक्टूबर को दिल्ली के IGI एयरपोर्ट से चुपचाप हनोई (वियतनाम) के लिए रवाना हुए।

ठीक उसी समय EFTA प्रतिनिधिमंडल (नॉर्वे, स्विट्जरलैंड, आइसलैंड, लिकटेंस्टीन) ‘वियतनाम-EFTA व्यापार समझौते’ पर हस्ताक्षर करने हनोई पहुंचा था।

📍 तथ्य 2 : नॉर्वेजियन विदेश मंत्री से पुराना कनेक्शन

नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ईडे (Espen Barth Eide) ने 19 मार्च 2025 को 10 जनपथ पर राहुल गांधी से बंद कमरे में मुलाकात की थी।

📍 तथ्य 3: जॉर्ज सोरोस (OSF) और WEF से ईडे का सीधा जुड़ाव

WEF: 2014-16 तक वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मैनेजिंग डायरेक्टर रहे।

OSF लिंक: ‘सेंटर फॉर ह्यूमैनिटेरियन डायलॉग’ (2019-21) के अध्यक्ष रहे, जो जॉर्ज सोरोस के ओपन सोसाइटी फाउंडेशंस (OSF) द्वारा वित्तपोषित है।

ECFR: सोरोस द्वारा स्थापित ‘यूरोपियन काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस’ के नियमित योगदानकर्ता।

अब सीधा सवाल –

भारतीय लोकतंत्र और विदेश नीति के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय ‘टूलकिट इकोसिस्टम’ से राहुल गांधी की इस बार-बार की गुप्त मुलाकातों का असली मकसद क्या है?

 

रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई