चंदौली मानस एवं अध्यात्म प्रचार समिति की ओर से 39 वां वार्षिक मानस सम्मेलन की तीसरी निशा को श्रीराम जानकी शिव मठ मंदिर के परिसर में आयोजित श्रीराम कथा में कथावाचकों ने प्रभु की महिमा का गुणगान किया। सासाराम बिहार से पधारे कथावाचक संत ज्ञानेश्वर आनन्द ने जीवात्मा व परमात्मा के बीच की कड़ी का सुंदर वर्णन किया। कहा कि जीवात्मा का सीधा संबंध परमात्मा से है। मानव जीवन प्राप्त करने के बाद व्यक्ति भोग विलास में समय बर्बाद कर रहा है। इसके कारण मनुष्य जीवन के लक्ष्य को भूल गया है।
बताया कि इस धरा पर अनेक जीवों ने जन्म लिया है। लेकिन मानव जीवन सबसे अनमोल है। मनुष्य को संतो ंके संगत में रहकर प्रभु की कथा का श्रवण करना व सत्संग में अपना समय व्यतीत करना चाहिए। कलयुग में प्रभु नाम संकीर्तन से ही मानव का कल्याण संभव है। उन्होने कहा कि जीवात्मा व परमात्मा के बीच की कड़ी का नाम महात्मा है। जिस प्रकार अहिल्या व प्रभु श्रीराम के बीच में महात्मा विश्वामित्र आ गए। इससे अहिल्या का उद्धार हो गया। काशी से पधारे पं. रामचंद्र मिश्र मानस मर्मज्ञ ने राम व श्याम के अवतार की कथा का वर्णन किया।
बताया कि श्याम मध्य रात्रि में अवतार लेते है और श्रीराम मध्य दिवस में प्रकट होते है। श्याम रोते ही नही और राम खुब रोते है। राम ने संदेश दिया कि भक्तों तुम्हारे बदले मैं रो रहा हूं। अब तुम लोग हंसो गाओं अब रावण रोएगा। मानस मयंक उदनारायण महाराज ने बताया कि रावण का जन्म हुआ तो वह खुब हंसा। समाज को संदेश दे रहा था कि रावण वृत्ति वाले हसंगे और राम वृत्ति वाले रोएगे। वाराणसी से पधारी प्रियंका पांडेय मानस गंगा ने संगीतमय कथा का विस्तार पूर्वक वर्णन किया। बताया कि प्रत्येक मनुष्य को शिव के धनुष से शिक्षा लेने की जरूरत है।
जिस प्रकार शिव का धनुष तब तक नही टूटा जब तक सीता राम का विवाह नही हो गया। कहा कि जब तक मानव अपना घंमड नही तोड़ेगे तब तक वह सुखी नही रह सकते है। इसलिए मनुष्य को किसी बात को लेकर अहंकार नही करना चाहिए। अहंकार मनुष्य को सबसे बड़ा शत्रु होता है। भगवान श्रीराम की भव्य आरती व प्रसाद वितरण किया गया।
इस मौके पर संस्थापक हरिद्वार सिंह, जयशंकर दुबे, शिवबचन सिंह, रामनगीना सिंह, अधिवक्ता हरेन्द्र प्रताप सिंह, राजनारायण विश्वकर्मा, पंकज तिवारी, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, हरिदास पांडेय, बाल किशुन गुप्ता, सुरेन्द्र नाथ मिश्र आदि मौजूद रहे।
रिपोर्ट - अलीम हाशमी







